भभुआ/रामपुर। कैैैमूर के भभुआ विधानसभा के पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता विजयशंकर पांडेय ने गुरुवार को वाराणसी के बीएचयू में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वह 82 वर्ष के थे।उनके फेफड़े में इंफेक्शन हो गया था। जिसके बाद उनका 28 जनवरी से इलाज हो रहा था। विजयशंकर पांडेय भभुआ विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस से एक बार विधायक रहे। वही रामपुर प्रखंड क्षेत्र के खरेंदा पंचायत से कई बार मुखिया रह चुके थे। पूर्व विधायक के निधन का समाचार सुनते ही कैमूर जिला सहित उनके गृह प्रखंड क्षेत्र में जैसे उनके निधन की खबर मिली जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित आम लोगों में शोक व्याप्त हो गया । लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर इसे क्षेत्रीय कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अपने हरफनमौला अंदाज व स्वच्छ राजनीति के लिए जाने जाने वाले ख्याति प्राप्त स्व0 पूर्व विधायक विजय शंकर पाण्डेय जनता के चहेतों में से एक थे।
फेफड़े में इंफेक्शन के बाद थे बीमार
विगत 28 जनवरी सोमवार फेफड़े में इंफेक्शन हो जाने के कारण उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें वाराणसी के बीएचयू के चिकित्सालय आइसीयू में भर्ती कराया गया। उनके चिकित्सालय में भर्ती होने का समाचार मिलने के बाद कांग्रेस व भाजपा के तेजतर्रार नेताओ ,रिश्तेदार सहित कई लोग उनकी कुशल क्षेम जानने चिकित्सालय पहुंचे लेकिन उनके वेंटिलेटर पर होने से उनसे बात नहीं हो सकी। और लगातार उनकी सेहत में गिरावट होती गयी।गुरुवार की शाम 6:00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली ।
अंतिम दर्शन को पहुँचे हजारो लोग
शुक्रवार की भोर में 3 बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव खरेंदा लाया गया। इसकी जानकारी मिलने बाद हजारों लोग उनके गांव खरेंदा पहुँच कर अंतिम दर्शन किया। जहां कांग्रेस,भाजपा के अनेकों कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर अंतिम दर्शन कर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। स्वर्गीय विजय शंकर विधायक अन्तिम दर्शन के लिए उनके घर हजारो की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। सभी लोग पूर्व विधायक का अंतिम दर्शन करना चाहते थे। जब उनके गांव से अंतिम शव यात्रा निकला तो काफी भीड़ था। उनके अंतिम यात्रा हजारो लोगो का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। उनके गांव खरेंदा से पैदल अंतिम यात्रा में भाग लेकर पहुँचे। इस दौरान स्व विजय शंकर पांडेय अमर रहे के नारे लगाए जा रहे थे।बेलांव आने के बाद पार्थिव शरीर को वाहन पर रख लोगो ने नम आँखों से विदाई दी गयी ।
इन्होंने दी श्रद्धाजंलि
खरेंदा में पूर्व विधायक के आत्मा के शांति के लिए पूर्व विधायक प्रमोद डॉक्टर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, गदेश दत्त पाण्डेय ,मुखीया किरण देवी,विनय पाण्डेय, बीडीओ अरविन्द कुमार सिंह, धर्मपाल सिंह ,प्रखण्ड कांग्रेस अध्य्क्ष दिनेश दुबे सहित अन्य लोगो ने पार्थिव शरीर पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। साथ ही शव यात्रा में शामिल हो विधायक की अंतिम विदाई की।
भभुआ में कांग्रेस कार्यालय में दी गयी श्रद्धाजंलि
स्व विधायक का पार्थिव शरीर भभुआ कांग्रेस कार्यालय शहीद भवन पहुँचा। जहां कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष,
विधायक,नेता कार्यकर्ताओ व अन्य लोगों ने पहुँच कर अंतिम दर्शन करने के साथ पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी मरनिकर्णिका घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया जायेगा।
1990 -95 के बीच कांग्रेस से रहे भभुआ विधायक
स्वर्गीय विजय शंकर पाण्डेय पहली बार सन 1990 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर भभुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने थे। इससे पहले उन्होंने लगभग 15 वर्षो तक लगातार अपने पंचायत खरेंदा का मुखिया रहे। 1995 में वह आंनद मोहन की बिहार पीपुल्स पार्टी से चुनाव चिन्ह ढाल तलवार उन्हें नहीं मिला था। लेकिन बिहार पीपुल्स पार्टी के सुप्रीमो आनंद मोहन ने विजय शंकर पाण्डेय के लिये वोट मांगने आये थे। वर्ष 2004 में भाजपा से उम्मीदवार के रूप खड़े होकर चुनाव लड़े लेकिन वह जीत नहीं पाए।
2010 के चुनाव के बाद राजनीति से लिया सन्यास
इसके बाद एक बार फिर वर्ष 2010 में कांग्रेस ने विजय शंकर पाण्डेय को अपना उम्मीदवार के रूप में भभुआ विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा था। लेकिन इस बार भी विधायक नहीं बन पाए। अंततः वह दोबारा विधायक नहीं बन कर विधानसभा नहीं पहुँच पाए। 2010 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने ढलती उम्र के कारण सक्रीय राजनितिक से सन्यास ले लिया।
अपने पीछे छोड़ गए भरा पूरा परिवार
उन्होंने अपने पीछे छोटा भाई विनय शंकर पांडेय,बड़ा बेटा अशोक कुमार पांडेय, छोटा बेटा अनिल कुमार पांडेय,तीन बेटी सहित पूरे परिवार को अलविदा कह गए। उनके पुत्र अशोक कुमार पांडेय उर्फ मुना पाण्डेय ने भी कांग्रेस नेता है। अपने गत विधायक कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए काफी प्रयास किए। पहले भगवानपुर में प्रखंड था जिसको रामपुर में प्रखंड मुख्यालय लाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही ।इसके अलावा अन्य कई विकास के कार्य कराने में भी पीछे नहीं रहे ।लोग उनके कार्यकाल को याद करते रहेंगे।






