- चोरी के बड़े गिरोह का पुलिस ने नाटकीय ढंग से किया पर्दाफाश,एकनाली बंदूक,गोली,185 मोबाईल,5 बाइक के साथ 5 गिरफ्तार
- यूपी से बिहार तक सैकड़ो चोरी की घटनाओं को दे चुका है अंजाम
भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। चोरी के बड़े गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार करने में पुलिस टीम को सफलता मिली है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देशी एकनाली बंदूक,एक जिंदा गोली,185 मोबाईल,5 बाइक को बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा इस गिरोह के मुख्य सरगना लाला बिंद को नाटकीय ढंग से ग्राहक बन कर मोबाईल खरीदने के दौरान गिरफ्तार किया गया। इसकी जानकारी कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने भगवानपुर थाने में प्रेसवार्ता कर दी।
एसपी ने बताया कि बीते 6 माह से जिले में गृह भेदन, चोरी घटनाओं को देखते हुए इसके उद्भेदन के लिए भभुआ पुलिस निरीक्षक, भगवानपुर थानाध्यक्ष व डीआईयू का एक टीम किया गया। टीम के द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान में पता चला कि इस गिरोह का मुख्य सरगना लाला बिंद (20 साल) उर्फ जीतन बिंद जो चैनपुर थाना के ग्राम लोहरा का रहने वाला है। इसके घर पर पुलिस द्वारा छापेमारी की गई तो वह फरार पााया गया।
इसके बारे में पता चला कई बार उत्तर प्रदेश पुलिस इसके घर पर छापामारी कर एवं कुर्की कर चली गई है। जिसके बाद पुलिस टीम के द्वारा नाटकीय ढंग से चोरी का मोबाइल खरीदने के लिए आम आदमी बन कर पुलिस द्वारा मुख्य सरगना को बुलाया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान इसके निशानदेही पर एक देशी एकनाली बंदूक और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के क्रम में इसके द्वारा बताया गया अब तक लगभग 100 से 150 चोरी की घटना को अंजाम दे चुके हैं । यह लोग बिहार के साथ साथ उत्तर प्रदेश में भी कई चोरी, गृहभेदन जैसे घटनाओं को भी अंजाम दे चुके हैं। ये चोरी व गृहभेदन के मोबाइल को ठिकाने लगाने के लिए अपने सहयोगी अमित कुमार सिंह एवं तबरेज अंसारी की मदद करता था। जो दोनों चैनपुर क्षेत्र थाने के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त के निशानदेही पर भिन्न-भिन्न कंपनियों के 185 पुराने मोबाइल को बरामद किया गया तथा दोनों अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा जमीन के नीचे छुपा कर रखे गए मोबाईल को बरामद किया गया है। इनके द्वारा चोरी के मोटरसाइकिल को ठिकाने लगाने के लिए अपने सहयोगी महेंद्र यादव का सहयोग लिया जाता था। जो भभुआ थाना क्षेत्र के नउवा झोटी गांव का रहने वाला है।
अभियुक्त लाला बिंद के निशानदेही पर उसके पास से चोरी के अलग-अलग कंपनियों के 5 बाइक बरामद किए गए। वही महेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया। इनके द्वारा चुराए गए गहने जेवरात को अजीत सेठ, अग्रवाल मोहल्ला चैनपुर के यहां बेचा जाता था। इनके निशानदेही पर अजीत सेठ को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। जिसके पास से कुछ गहने बरामद किया गया और अजीत सेठ द्वारा स्वीकार किया गया कि लाला बिंद द्वारा बेचे गए गहनों को मैंने गला कर बेच दिया है । इस गिरोह का मुख्य सरगना अपराधी लाला बिंद है।
जो अलग अलग सैकड़ों चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है और जेल भी जा चुका है। यह बिहार में चोरी करने के बाद उत्तर प्रदेश भाग जाता था और उत्तर प्रदेश में चोरी करके बिहार में भाग जाता था। लॉक डाउन के दौरान यह बिहार में ही रहकर जिले के अलग अलग थाना क्षेत्र में चोरी के घटना को अंजाम देता था।जिसे पुलिस नेनाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया।
- 5 थाना में 7 मामले लाला बिंद के खिलाफ है दर्ज
एसपी ने बताया कि चोरी के गिरोह के मुख्य सरगना लाला बिंद के खिलाफ यूपी व बिहार के 5 थाने में 7 विभिन्न आपराधिक घटनाओं का मामला दर्ज है। जिसमें भगवानपुर थाने में 3, भभुआ में 1, चैनपुर में 1, यूपी के चन्दौली जिले के कंदवा थाना में 1,दुर्गावती थाने में एक मामला दर्ज है। यह कई बार जेल भी जा चुका है। इसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। इसका पहली बार 2017 में चैनपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था। जिले के अन्य थाने के इसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
- मोबाइल चोरी के बेचे गए रूपये से मनाता था रंगरेलिया, लड़कियों पर करता था खर्च
गिरफ्तार चोरी का मुख्य सरगना लाला बिंद ने एसपी के समक्ष मीडिया को बताया कि वह चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद चोरी के मोबाईल को बेचने पर जो रूपये मिलते थे। उससे रँगरेलिया अय्याशी करता था। लड़कियों पर खर्च करता था। उसका तीन लड़कियो के साथ संबंध था। सबसे बातचीत करता था।




