दुर्गावती नदी से अवैध बालू निकासी व तटबंध निर्माण कार्य में अनियमितता का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, किया हंगामा व विरोध

  •  ग्रामीणों ने कहा दुर्गावती नदी से बालू निकासी से बने हो सकती है बड़ी दुर्घटना     
  • ग्रामीणों ने बालू निकासी पर रोक लगाने व तटबंध के निर्माण कार्य में अनियमितता की जांच कराने की मांग

रामपुर/कैमूर। रविवार की शाम करमचट थाना क्षेत्र के सबार गांव के दुर्गावती नदी से अवैध बालू निकासी एवं नदी के तटबंध की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए विरोध जताया। ग्रामीणों के हंगामा की सूचना पर पहुँची पुलिस ने दो तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गयी। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कैमूर व रोहतास जिले को अलग करने वाली सबार गांव के दुर्गावती नदी के बालू को नदी से अवैध रूप से निकाल कर नदी के तटबंध की सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य लगाया जा रहा था। इस कार्य में अनियमितता भी बरती जा रही थी।

 ग्रामीण सिगाउ चौधरी, गीता देवी का कहना था कि जहां से बालू की निकासी किया जा रहा है। वहां से बालू नहीं निकाला जाए। क्योंकि वहां पर ग्रामीणों व बच्चों का आना जाना होता है।बालू निकालने से घाट खतरनाक हो जाएगा। साथ ही बारिश के दिनों में नदी में पानी आने पर जब बच्चे व लोग जाएंगे तो नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा कर वह डूब सकते हैं। जिससे किसी की भी मौत हो सकती है। वही ग्रामीणों का आरोप था कि दुर्गावती नदी का टेंडर नहीं हुआ तो लाखों करोड़ों का बालू पौप्लेन लगाकर संवेदक द्वारा किस आधार पर की जा रही है।डीएम द्वारा आदेश देने की बात कही जा रही है। लेकिन कोई आदेश नहीं दिखाया जा रहा है। जो सरासर गलत है।               

 वही समाजसेवी एवं सबार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह द्वारा आरोप लगाते हुए कहा गया कि सबार गांव की दुर्गावती नदी के तटबंध की सुरक्षा दीवार में संवेदक द्वारा कराया जा रहे निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। नदी से अवैध रूप से बालू निकालकर नदी के घाट को भी खतरनाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनवरी माह में मकर सक्रांति के अवसर पर नदी में मेला लगता है। जिसमें काफी भीड़ लगता है। 

पांच गांव से अधिक गांव के लोग नदी में श्मसान घाट होने पर दाह संस्कार के लिए भी आते है।  बालू निकालने से नदी में कई जगहों पर ज्यादा गहरा हो गया। जहां कभी भी बड़ा दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक तरफ सुरक्षा का प्रबंध किया जा रहा है तो दूसरे तरफ खतरनाक बनाया जा रहा है। नदी के तटबंध के सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य में जिस तरह से सीमेंट वाली बैग में बालू डालकर उसका उपयोग किया जा रहा है। वह नियम के अनुसार नहीं है और उसे हाथ से पकड़ने पर फट जा रहा है।

 इस कार्य में स्पेशल बैग लगाया जाना चाहिए था। जो सुरक्षा का काम करें नहीं नदी के तटबंध पर बसे लोगों के घरों पर संकट आ जायेगा। लेकिन संवेदक द्वारा ऐसा कार्य नहीं कराया जा रहा है और काफी अनियमितता बरती जा रही है। वहीं बालू की निकासी को लेकर जब ग्रामीणों के कहने पर मैंने पूछा तो कहा गया कि डीएम द्वारा आदेश दिया गया है लेकिन उनका आदेश भी नहीं दिखाया गया।

 इससे तो स्पष्ट होता है कि इस कार्य में डीएम का हवाला देकर अनियमितता बरती जा रही है। डीएम के हवाले देकर कार्य में अनियमितता से ग्रामीण सहमें हुए है। वही उन्होंने जिला प्रशासन से इस निर्माण कार्य में किए जा रहे अनियमितता की जांच कराने एवं अवैध बालू निकासी पर रोक लगाने की मांग की है। वही दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई भी किया जाए।


इस संबंध में पूछे जाने पर करमचट थानाध्यक्ष दिवाकर प्रसाद ने बताया कि मौके पर सूचना पर पुलिस पहुँची थी। जिसके बाद दो तीन लोगो को हिरासत में लिया गया है। अवैध बालू निकासी का मामला नहीं है। तटबंध के लिए बालू लगाया गया जा रहा है। इंजीनियर को बुलाया गया है। इस मामले वरीय पदाधिकारी को सूचना दिया गया है। इंजीनियर के आने के बाद जानकारी लेने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जायेगी।

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