प्रवासी मजदूरों का कहना था कि वह एक तो बाहर से आए हैं, घर नहीं जा पाए हैं और क्वारन्टीन सेंटर में रहने के बावजूद भी उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यहां कैसे रह पाएंगे। सरकार व प्रशासन द्वारा सिर्फ भोजन एवं सुविधा देने के नाम पर खानापूर्ति कर जा रही है।जबकि प्रशासन द्वारा क्वारन्टीन सेंटर पर सबकुछ व्यवस्था खाने पीने सहित आवश्यक वस्तुएं को देने का दावा किया जा रहा है। वही हंगामा को देखते हुए सूचना भगवानपुर सीओ पहुंचे जिसके बाद प्रवासियों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
वही कहा कि दोबारा भोजन मंगाया जा रहा है। उस भोजन को वापस किया जाएगा। इस संबंध में पूछे जाने पर भगवानपुर सीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि भोजन में पिल्लू मिलने की सूचना पर पहुंचा था। भोजन में पिल्लू नहीं ब्लिक चावल को चुना नहीं गया था। कुछ ठीक नहीं था। जिसे वापस किया जा रहा है। दोबारा भोजन दिया जायेगा।
भोजन में क्वालिटी खराब आने पर भोजन बनाने वाले को डांट फटकार भी लगाई गई है। उसे कहा गया है कि अब भोजन की गुणवत्ता खराब वही तो वापस कर दिया जाएगा। सीओ ने यह भी बताया कि कुछ प्रवासी घर भागने की कोशिश में यह सब हरकत करना चाहते है। लेकिन उन्हें 21 दिनों तक रहने के बाद ही घर जाने की छुट्टी मिलेगी।

