कैमूर- 149 पंचायतों में लगेगा वर्षामापी यंत्र

कैमूर जिले के सभी पंचायतों में लगेगा वर्षामापी यंत्र
एक्सक्लूसिव - बंटी जायसवाल
भभुआ/ कैमूर. वर्षापात का सही आकलन करने को जिले में अब पंचायतों में भी वर्षामापी यंत्र स्थापित किया जाएगा. इसके जिला सांख्यिकी विभाग द्वारा कवायद शुरु कर दिया गया है और सभी बीडीओ को पत्र भेजकर यंत्र लगाने के लिए स्थान का चयन भी करा लिया गया है. फिलहाल जिला व प्रखंड मुख्यालय में वर्षामापी यंत्र की व्यवस्था है. इसके चलते वर्षा का सही आकलन नहीं हो पाता है.
- वर्षा पात का होगा सही आकलन
अक्सर यह देखा जाता है कि प्रखंड मुख्यालय में बारिश हुई तो उसे प्रखंड के कई गांवों में बारिश नहीं हुई या गांवों में बारिश हुई तो प्रखंड मुख्यालय में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई. ऐसी स्थिति में वर्षापात का सही आकलन नहीं हो पाता है. प्रखंड मुख्यालय में हुई बारिश से पूरे प्रखंड का वर्षापात आंकड़ा प्रस्तुत करना पड़ता है.अब पंचायतों में वर्षामापी यंत्र लगाने के बाद वर्षापात से संबंधित विसंगति की काफी हद तक दूर होगी और सही जानकारी मिल सकेगी.
- जारी किए गए है गाइड लाइन
 पंचायतों में वर्षामापी यंत्र लगाने से संबंधित विभाग ने कई गाइडलाइन दिया है. विभाग सूत्रों के अनुसार निदेशक के पत्र के अनुसार पंचायतों में सरकारी स्थल पर ही यंत्र को लगाना है. पत्र में कहा गया है कि वर्षामापी में एकत्रित वर्षाजल इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितने खुले स्थान में रखा गया है. वर्षामापी यंत्र को ढलान या छत पर रखकर समतल जमीन पर रखना चाहिए. यंत्र लगाने के दौरान यह ध्यान रखना है कि वर्षामापी ऐसी भूमि पर कभी नहीं रखना चाहिए जो हवा के रुख की ओर हो और वहां अत्यधिक ढलान पड़ती हो. आसपास सभी वस्तुओं से उसकी दूरी वस्तु की उंचाई के चौगुणे फासले के बराबर हो.
- बोले अधिकारी
इस संबंध में सहायक जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी पंचायतो में वर्षा मापी यंत्र लगेगा. इसके लिए स्थल का चयन कर रिपोर्ट विभाग को भेज दिया गया है.

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