भभुआ/कैमूर। कोरोना को लेकर हुए लॉक डाउन में जो जहां था वही फंसा रह गया। ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां यूपी के वाराणसी का एक शख़्श अपनी पत्नी व बच्चे को बिहार के कैमूर जिले में ससुराल से अपने घर ले जाने के लिए पहुँचा था। लेकिन वह अचानक हुए लॉक डाउन में फंस तो 70 दिन फंसा रह गया।
सरकार को लॉक डाउन में शर्तो के साथ दिये गए छूट व अनलॉक वन में ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के बाद भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर पहुँच कर रिजर्वेशन कराया। वही वाराणसी अपने घर जाने के लिए अपनी पत्नी व बच्चों के साथ स्टेशन पर घण्टो ट्रेन का इंतजार करता रहा। वाराणसी निवासी सख्श महताब आलम ने बताया लॉक डाउन से पहले पत्नी व बच्चें अपने मायके चली आयी थी।
जहां विदाई कराने के लिए हम जैसे ही ससुराल पहुंचे थे। उसी दिन मोदी जी ने कोरोना को लेकर लॉक डाउन कर दिया। ट्रेन व गाड़ियां बंद हो गई तो नहीं जा पाया। लगभग 70 दिनों तक यही ससुराल में फंसे रहे। अब ट्रेन चलने लगा है तो पत्नी व बच्चों को लेकर वाराणसी अपने घर जा रहे है। लेकिन ट्रेन का घण्टो से इंतजार करना पड़ रहा है।

