भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। आज यानी मंगलवार से विश्व के प्राचीनतम मंदिरों में शुमार माता मुंडेश्वरी मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिए आधार या पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।अगर श्रद्धालु भक्त आधार या कोई भी पहचान पत्र नहीं दिखाते हैं तो तो उन्हें मंदिर में प्रवेश एवं दर्शन पूजन के अनुमति नहीं मिलेगी।
यह नियम धार्मिक न्यास परिषद द्वारा लागू कर दी गई है।इस मामले में धार्मिक न्यास परिषद के सचिव अशोक कुमार सिंह द्वारा बताया गया है कि कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर 18 मार्च से लॉक डाउन में मां मुंडेश्वरी का मंदिर बंद कर दिया गया था। श्रद्धालुओं का दर्शन पूजन पर पूरी तरह से लॉक डाउन में रोक लगा हुआ था।
लेकिन सरकार द्वारा अनलॉक वन में शर्तो के साथ दिए गए छूट की अनुमति के बाद 82 दिनों बाद सोमवार से माता मुंडेश्वरी का मंदिर खुल गया।जिसके बाद श्रद्धालु भक्त दर्शन पूजन करने लगे हैं। दर्शन पूजन के दौरान श्रद्धालु भक्तों का मंदिर के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग, हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा है।इसके बाद उन्हें प्रवेश व दर्शन पूजन के लिए भेजा जा रहा है। थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान कई श्रद्धालुओं का टेंपरेचर हाई पता चला।
जिसके बाद उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे मामले को देखते हुए कोरोना से बचाव को लेकर माता मुंडेश्वरी धाम में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिए अब आधार कार्ड या कोई भी पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि कोरोना संदिग्ध मरीज के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकें।

