चैनपुर से नीरज राजपूत
चैनपुर/कैमूर. प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में गुरुवार को आयोजित मासिक गोष्ठी में अचानक आएपीओ गाविंद कुमार व पीओ अक्षय कुमार पांडेय पहुंचे. बैठक के दौरान पहुंचे दोनों अधिकारियों ने बैठक की कार्यवाही का जायजा लिया. पीओ अक्षय कुमार पांडेय जिन्होंने चन्द रोज पहले ही इस पद पर ज्वाइन किया है। प्रधानाध्यापकों को अपना परिचय देते हुए कहा कि वे बगल के रोहतास जिले के हैं. बैठक के दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं सुनी। जिसमे प्रधानाध्यापकों ने एमडीएम का मुद्दा उठाया. शिक्षकों ने बताया कि बच्चे रोजाना एक बराबर नहीं आते. बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन कम या ज्यादा होते रहता है।लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा उसी को मुद्दा बनाकर शिक्षकों पर गबन का आरोप लगाया जाता है और राशि की रिकवरी की जाती है. बैठक के दौरान शिक्षकों ने सामंजन का भी मुद्दा उठाया गया. शिक्षकों ने बताया कि सड़क पर जो भी विद्यालय है वहां छात्र-शिक्षक अनुपात से भी अधिक है और जो मुख्य सड़क से दूर है। वहां शिक्षकों का अकाल पड़ा हुआ है. शिक्षकों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व हुए सामंजन में भी काफी गड़बड़ी हुई है. छात्र शिक्षक अनुपात के स्थान पर चहेतों को उनके मन पसन्द विद्यालयों में भेज गया.
#पीओ ने कहा हर समस्याओं का होगा समाधान
#संकल्प के साथ करना होगा कार्य
बैठक के दौरान पीओ ने कहा कि हमें सर्वप्रथम अधिकारी और शिक्षक के बीच की खाई को पाटना होगा. हमें भयमुक्त वातावरण का निर्माण करना होगा. शिक्षक और अधिकारी के बीच का गैप समाप्त कर संकल्प के साथ बच्चों को पढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के पूरे बजट का 20% शिक्षा पर खर्च कर रही है। लेकिन अबतक शिक्षा के क्षेत्र में बिहार आगे नहीं बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी गांवों में विद्यालय का निर्माण कराया गया और प्राथिमक को मिडिल तो मिडिल को उच्च विद्यालय में अपग्रेड किया गया है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में जिस रफ्तार में सरकार शिक्षा पर खर्च कर रही है उसका पांच प्रतिशत रिजल्ट भी नहीं आ रहा. शिक्षा का गिरता स्तर काफी चिंताजनक है.
# शिक्षक के हाथ में है शिक्षा की चाभी
बैठक के दौरान पीओ ने कहा कि शिक्षा की चाभी शिक्षकों के हाथ में ही है. गुरु को भगवान से भी ऊपर माना गया है इसलिए आपको अपने पद की गरिमा को समझना होगा और शिक्षा में सुधार लानी होगी. उन्होंने बैठक के दौरान कहा कि शिक्षक सबसे बड़ा मैनेजर होता है. इसलिए सीमित संसाधनों के बीच उत्तम शिक्षा देने का आप प्रयाश कीजिये और मुझे आप सभी पर पूर्ण विश्वास है कि इसमें कामयाबी जरूर मिलेगी. उन्होंने कहा कि वे जितना दिन यहां रहेंगे विद्यालयों का निरीक्षण लगातार करेंगे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा में कोताही पर कार्रवाई की बात कही. इस बैठक के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कृष्णानन्द मिश्रा, सैयद आफाक नैयर, सलीम अंसारी, जिंतेंद्र तिवारी, शिवपूजन गुप्ता, हृदय नारायण सिंह, दिलीप राम, अरविंद कुमार सहित प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मौजूद थे.

