कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने बीपीएससी की परीक्षा में दिलाई सफलता
भभुआ कैमूर। बिहार लोक सेवा आयोग ने 60वीं से 62 वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। राज्य स्तर पर कोई 642 लोगों ने सफलता प्राप्त की है।इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कैमूर के होनहार युवाओं में भी अपना परचम लहराते हुए अब प्रशासनिक, वित्त और श्रम विभाग में अपनी सेवा देंगे। इनकी सफलता के परिजनों में खुशी की लहर है।सभी ने कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को अपनी सफलता का मूल मंत्र बताया। सफल अभ्यर्थियों के घर में खुशी का माहौल है।परिजन एक दूसरे को मिठाईयां खिलाकर इस मौके को खास बना रहे हैं। राज्य स्तर पर मुख्य परीक्षा में 1650 उम्मीदवार सफल रहे। इनमें 59 साक्षात्कार में अनुपस्थित रहे।सफल उम्मीदवारों सूची आयोग की वेबसाइट पर जारी की जा चुकी है।
अमित ने बीपीएससी में पाया 55 वां रैंक
चैनपुर के जगरिया निवासी अमित कुमार पटेल ने अपने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। पिता अजीत कुमार पटेल और माता रिता कुमारी अपने पुत्र की सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं। बातचीत में अमित ने बताया कि मैट्रिक की पढ़ाई पंडित देव नाथ बारे हाई स्कूल से पूरी करने के बाद बीएन कॉलेज पटना से इंटरमीडिएट किया एनआईटी अगरतला से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। वर्तमान समय में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड में लीड इंजीनियर के पद पर कार्यरत हूं। इन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के अलावे नाना रामनवमी सिंह, दादा रामेश्वर सिंह और मामा डीएवी स्कूल के निदेशक दिनेश पटेल को दिया है।
बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होंगे त्रिलोकीनाथ
चांद ब्लॉक के केसरी गांव निवासी त्रिलोकी नाथ सिंह ने अपने तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की है।इन्हें 100 वां रैंक प्राप्त हुआ है। पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह सीडब्ल्यूसी से अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। माता उर्मिला देवी गृहणी है। मैट्रिक की पढ़ाई समस्तीपुर के होली मिशन हाई स्कूल से पूरी की पटना कॉलेज से इंटरमीडिएट और बीएचयू से ग्रेजुएशन किया बीएचयू से पीएचडी की भी उपाधि प्राप्त की है।
किसान की बेटी ने पहली प्रयास में पाया सफलता
दुर्गावती प्रखंड के धड़हरा के किसान उमाशंकर सिंह की बेटी खुशबू पटेल ने भी अपने पहले प्रयास में हैं सफलता हासिल की है।इनका रैंक 167 है। पिता और माता सुमन देवी अपनी बेटी की सफलता से काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई लुधियाना से पूरी करने के बाद चंडीगढ़ से डीडीएस की पढ़ाई करने के साथ सिविल सेवा के लिए भी खुशबू हमेशा प्रयासरत थी।शुरू से ही लगन शील और पढ़ाई के प्रति समर्पण से सफलता मिली है।
अभिनव आनन्द बने कर्मशियल टैक्स ऑफिसर
शहर से सटे सीवों गांव के रहने वाले अभिनव आनंद ने तीसरे प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।इन्हें 238 वां रैंक मिला है।पिता रामानंद सिंह जगजीवन कॉलेज आरा से प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता और माता रामावती सिंह ने अपने पुत्र की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सभी का मुंह मीठा कराया। अभिनव ने बताया कि मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई जैन स्कूल आरा से पूरी की है।जगजीवन कॉलेज आरा से एम ए करने के बाद नई दिल्ली से नेट जेआरएफ क्लियर किया।वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान समय में भोजपुर के शाहपुर में प्लस टू हाई स्कूल भरहूली में हिस्ट्री के शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने अपना मार्गदर्शक माता,पिता और चाचा अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह अजय का और लेक्चरर डॉ भरत सिंह को बताया।
अजय कुमार बने श्रम अधीक्षक
भभुआ प्रखंड के रूद्रवारकला निवासी अजय कुमार ने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की है। इनका चयन श्रम अधीक्षक के पद पर हुआ है।रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर भिखारी राम और मां चंद्रावती देवी अपने पुत्र की सफलता पर काफी खुश हैं। अजय ने बताया कि बड़े भाई मनोज कुमार बीडीओ और बहन विजया शांति न्यायाधीश के पद पर कार्यरत है। माता पिता के अलावा बड़े भाई और छोटी बहन का स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा मिला। मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई भभुआ में ही पूरी करने के बाद बीएचयू से ग्रेजुएशन और पीजी की डिग्री प्राप्त की। जेआरएफ क्लियर करने के बाद सिविल सेवा के लिए तैयारी की।






