#जिस यूनिवर्सिटी में पढ़े वहां का प्रोफेसर भी रह चुके है
भारत -बांग्लादेश व भारत -पाक सीमा की निगरानी का रहा है अनुभव
पटना/भभुआ. बिहार के कैमूर जिले के लाल कमलनयन चौबे झारखंड राज्य का नया डीजीपी बनाये गए है. जो 31 मई को डीके पांडेय की सेवानिवृति के बाद पदभार संभालेंगे.वह 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी है. वे वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में बीएसएफ नार्दन सेक्टर मुख्यालय में तैनात हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने केएन चौबे की सेवा केंद्र सरकार से मांगी है. केंद्र से सेवा मिलने के बाद डीजीपी पद के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. गौरतलब है कि यूपीएससी ने डीजीपी के लिए तीन अधिकारियों वीएच देशमुख, केएन चौबे और नीरज सिन्हा के नाम का पैनल भेजा था. वरीयता में केएन चौबे दूसरे स्थान पर हैं. वहीं दिल्ली में स्थानीय आयुक्त के यहां से लौटे एडीजी अनुराग गुप्ता को सीआईडी एडीजी बनाया जा सकता है.
पटना/भभुआ. बिहार के कैमूर जिले के लाल कमलनयन चौबे झारखंड राज्य का नया डीजीपी बनाये गए है. जो 31 मई को डीके पांडेय की सेवानिवृति के बाद पदभार संभालेंगे.वह 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी है. वे वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में बीएसएफ नार्दन सेक्टर मुख्यालय में तैनात हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने केएन चौबे की सेवा केंद्र सरकार से मांगी है. केंद्र से सेवा मिलने के बाद डीजीपी पद के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. गौरतलब है कि यूपीएससी ने डीजीपी के लिए तीन अधिकारियों वीएच देशमुख, केएन चौबे और नीरज सिन्हा के नाम का पैनल भेजा था. वरीयता में केएन चौबे दूसरे स्थान पर हैं. वहीं दिल्ली में स्थानीय आयुक्त के यहां से लौटे एडीजी अनुराग गुप्ता को सीआईडी एडीजी बनाया जा सकता है.
कैमूर के सुल्तानपुर गांव के है कमलनयन चौबे
झारखंड के होनेवाले नए डीजीपी कमल नयन चौबे बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड के सुलतानपुर गांव के रहनेवाले हैं. इनके पिताजी उमाकांत चौबे भी प्रशासनिक सेवा में थे.इनके बड़े भाई राजीव नयन चौबे आइएएस हैं. झारखंड के नए डीजीपी की एक खास बात रही है कि वे जिस दिल्ली में अपनी पढ़ाई की थी उस यूनिवर्सिटी में इतिहास की प्रोफेसर भी रह चुके है. वे बीएसएफ एडीजी ऑपरेशन पद पर कार्यरत हैं. उन्हें भारत-बांग्लादेश और भारत-पाक सीमा की निगरानी का अनुभव रहा है.
झारखंड के होनेवाले नए डीजीपी कमल नयन चौबे बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड के सुलतानपुर गांव के रहनेवाले हैं. इनके पिताजी उमाकांत चौबे भी प्रशासनिक सेवा में थे.इनके बड़े भाई राजीव नयन चौबे आइएएस हैं. झारखंड के नए डीजीपी की एक खास बात रही है कि वे जिस दिल्ली में अपनी पढ़ाई की थी उस यूनिवर्सिटी में इतिहास की प्रोफेसर भी रह चुके है. वे बीएसएफ एडीजी ऑपरेशन पद पर कार्यरत हैं. उन्हें भारत-बांग्लादेश और भारत-पाक सीमा की निगरानी का अनुभव रहा है.
संयुक्त बिहार के कई जिले में रह चुके है SP
गौरतलब है कि 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी कमलनयन चौबे संयुक्त बिहार के कई जिलों में एसपी रह चुके हैं. वे संयुक्त बिहार में देवघर, अररिया, बेगुसराय, लखीसराय में एसपी रह चुके हैं. बाद में लंबे समय तक वह केंद्र में मंत्री रहे प्रफुल पटेल और बांका के पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह के ओएसडी रहे. साल 2014 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद वह जैप एडीजी रहे. 2016 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ के नॉर्दन कमान का आईजी बनाया गया.
गौरतलब है कि 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी कमलनयन चौबे संयुक्त बिहार के कई जिलों में एसपी रह चुके हैं. वे संयुक्त बिहार में देवघर, अररिया, बेगुसराय, लखीसराय में एसपी रह चुके हैं. बाद में लंबे समय तक वह केंद्र में मंत्री रहे प्रफुल पटेल और बांका के पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह के ओएसडी रहे. साल 2014 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद वह जैप एडीजी रहे. 2016 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ के नॉर्दन कमान का आईजी बनाया गया.
#कैमूर में खुशी का माहौल
कैमूर के कमलनयन चौबे का झारखंड के नये DGP बनाये जाने के बाद कैमूरवासियों में खुशी का माहौल है. यही नहीं उनके गांव रामगढ़ प्रखंड के सुल्तानपुर में भी जश्न व खुशी लोगों के बीच देखने को मिल रही है. लोगों का कहना है हमारे गांव व जिले का लाल इतने बड़े पद पहुँचा है. इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है. हमलोगो को गर्व है.

