- डायवर्सन रुट पर वाहनों का आवागमन चालू होने में अभी 3 दिन का और लग सकता है समय
दुर्गावती/कैमूर(मुबारक अली)- यूपी बिहार बंगाल झारखंड को जोड़ने वाला नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल 28 दिसंबर को क्षतिग्रस्त होने के बाद 12 दिनों से बन रहा डायवर्सन रूट का गुरुवार को कैमूर डीएम डॉक्टर नवल किशोर चौधरी एवं चंदौली डीएम नवनीत सिंह चहल ने निरीक्षण किया. निरीक्षण के तत्पश्चात अधिकारियों ने बताया कि दो-तीन दिनों में एक तरफ का डायवर्सन रूट बनकर तैयार हो जाएगा.शुरुआती दौर में सिस्टम बनाकर बारी बारी से दोनों ओर के वाहनों को एक ही रूट पर चलाया जाएगा.बाद में जब दोनों तरफ का डायवर्सन बन जाएगा .उसके बाद अपने-अपने रूट से वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से जारी हो जाएगा.
बताते चलें कि यूपी बिहार सीमा पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का पिलर 28 दिसंबर 2019 को टूट गया.उसके बाद पुल से वाहनों का आवागमन बंद हो गया है. जिससे वाहनों का चक्का जीटी रोड पर थम गया.तभी से एनएचएआई के अधिकारी पुल के दोनों तरफ डायवर्शन रूट बनाने के लिए रात दिन जुटे हुए हैं. एनएचएआई के अधिकारियों ने डाईवर्सन का कार्य आरंभ करते समय एक हफ्ते में डायवर्सन रूट बन जाने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी डायवर्सन रूट पूर्ण रूप से नहीं बन पाया है. इस दौरान एनएचएआई के रीजनल अधिकारी एके मिश्रा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश गढ़वाल, एनएचएआई के मैनेजर नागेश सिंह, एसपी चंदौली हेमंत कुटियाल, मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह, सहित काफी संख्या में अधिकारी व पुलिसकर्मी मौजूद थे.
दुर्गावती/कैमूर(मुबारक अली)- यूपी बिहार बंगाल झारखंड को जोड़ने वाला नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल 28 दिसंबर को क्षतिग्रस्त होने के बाद 12 दिनों से बन रहा डायवर्सन रूट का गुरुवार को कैमूर डीएम डॉक्टर नवल किशोर चौधरी एवं चंदौली डीएम नवनीत सिंह चहल ने निरीक्षण किया. निरीक्षण के तत्पश्चात अधिकारियों ने बताया कि दो-तीन दिनों में एक तरफ का डायवर्सन रूट बनकर तैयार हो जाएगा.शुरुआती दौर में सिस्टम बनाकर बारी बारी से दोनों ओर के वाहनों को एक ही रूट पर चलाया जाएगा.बाद में जब दोनों तरफ का डायवर्सन बन जाएगा .उसके बाद अपने-अपने रूट से वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से जारी हो जाएगा.
बताते चलें कि यूपी बिहार सीमा पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का पिलर 28 दिसंबर 2019 को टूट गया.उसके बाद पुल से वाहनों का आवागमन बंद हो गया है. जिससे वाहनों का चक्का जीटी रोड पर थम गया.तभी से एनएचएआई के अधिकारी पुल के दोनों तरफ डायवर्शन रूट बनाने के लिए रात दिन जुटे हुए हैं. एनएचएआई के अधिकारियों ने डाईवर्सन का कार्य आरंभ करते समय एक हफ्ते में डायवर्सन रूट बन जाने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी डायवर्सन रूट पूर्ण रूप से नहीं बन पाया है. इस दौरान एनएचएआई के रीजनल अधिकारी एके मिश्रा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश गढ़वाल, एनएचएआई के मैनेजर नागेश सिंह, एसपी चंदौली हेमंत कुटियाल, मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह, सहित काफी संख्या में अधिकारी व पुलिसकर्मी मौजूद थे.


