यूपी बिहार बॉर्डर पर 48 घंटे बाद भी बस नहीं मिली तो पैदल चल पड़े प्रवासी मजदूर, सतीश यादव बने मददगार अपने साधन से भेजवाया गृह जिला

दुर्गावती (कैमूर)। हरियाणा से पैदल एक दर्जन से अधिक प्रवासी मजदूर 11 दिन बाद यूपी बिहार बॉर्डर पहुंचे. बॉर्डर पर पहुंचने के बाद दो दिनों तक इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली तो सिवान जिले के प्रवासी मजदूर पैदल ही घर की ओर निकल पड़े.प्रवासी मजदूरों के टीम में कुल 14 लोग शामिल थे. 

सिवान जिला के राकेश कुमार,संजय, सोनु ने बताया कि लॉकडाउन के चलते  काम धंधा बंद होने के बाद हम लोग हरियाणा से पैदल ही घर की ओर निकल पड़े.11 दिनों से पैदल चलकर काफी हम लोग थक गए थे.किसी तरह यूपी के रास्ते से पैदल चलकर बिहार बॉर्डर पहुंचे थे. बार्डर पर सभी लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग मेडिकल जांच किया गया. 

वहां दो दिनों तक हम लोग बॉर्डर पर बस के इंतजार में रुके हुए थे लेकिन 48 घंटे बाद भी सिवान जिला में घर जाने को बस नहीं मिला तो  बॉर्डर से पैदल ही घर जाने लगे. जीटी रोड पर भीषण जाम होने के कारण हम लोग डहला मोड़ रामगढ़ पथ पकड़ लिया. सभी प्रवासी मजदूर सतीश यादव उर्फ पिंटू के यहां बिछिया गांव पहुंच गए .

सतीश यादव ने मजदूरों की व्यथा सुनकर उनकी मदद करने को आगे आ गए. और प्रवासी मजदूरों को नाश्ता पानी करा कर उन्हें अपने निजी वाहन से बक्सर बॉर्डर पर भेजने का कार्य किया. इस मदद से प्रवासी मजदूर जाते समय उनको धन्यवाद दिया.

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top