लॉकडाउन के बीच बेबस और लाचार है प्रवासी,पलायन को मजबूर है मजदूर, कई राज्यो से पैदल,साईकिल, ट्रक लौट रहे घर

यूपी बिहार के कर्मनाशा बॉर्डर पर आने वाले प्रवासियों का हुजूम

दुर्गावती (कैमूर)मुबारक अली। 
 लॉकडाउन के बीच काम धंधा बंद होने के बाद मजबूरन घर की ओर मजदूरों का लौटने का सिलसिला जारी है.यहां दिल्ली राजस्थान हरियाणा गुजरात अहमदाबाद सहित अन्य राज्यों से पैदल व साइकिल रिक्शा अन्य साधनों से प्रतिदिन बॉर्डर पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर पहुंच रहे. बॉर्डर पर प्रवासियों की जांच के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. कोरोना से जंग जीतने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन होना सबसे अहम माना जा रहा है .
बॉर्डर से पैदल स्टेशन जाते प्रवासी
लेकिन यहां बॉर्डर पर देखा जाए तो सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां रात दिन उड़ रही है. बताते चलें कि यूपी बिहार बॉर्डर पर इन दिनों बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. बॉर्डर पर आने के बाद सरकार के निर्देशानुसार प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है. स्क्रीनिंग करने के दौरान मजदूरों की इतनी लंबी लाइन लग जा रही है कि वहां सोशल डिस्टेंस का पालन होना संभव नहीं हो पा रहा है. वही बॉर्डर से कर्मनाशा स्टेशन ट्रेन पकड़ने जाते समय भी मजदूरों का हुजूम टूट जा रहा है. 
            कर्ममनाशा बॉर्डर पर लगी प्रवासियों की भीड़ 
कैमूर प्रशासन द्वारा कर्मनाशा रेलवे स्टेशन से चार रोज से सुबह व शाम ट्रेन चलाया जा रहा है ट्रेन पकड़ने के दौरान  बॉर्डर से लेकर  स्टेशन तक मजदूरों की कटार लग रही है जीटी रोड से पैदल ही स्टेशन पहुंच रहे हैं मजदूर जल्दबाजी में सोशल डिस्टेंसिंग को तोड़ देते हैं.वैसे यहा बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों के हुजूम को देखा जाए तो बाहर से आने वाले मजदूरों की काफी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 
कर्मनाशा बॉर्डर पर पैदल आते प्रवासी 
हालांकि कैमूर प्रशासन मजदूरों की बढ़ते हुए संख्या को देखते हुए तीन चार रोज से कर्मनाशा रेलवे स्टेशन से सुबह और शाम दोनों वक्त ट्रेनों को चलाया जा रहा है फिर भी मजदूरों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रहा है इसके अलावा जिन रूटों पर नहीं जाती है मजदूरों को वहां बसों से भी भेजने का कार्य किया जा रहा है.

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