दुर्गावती कैमूर( मुबारक अली)। कोरोना वायरस की वजह से देश भर में लागू हुए लॉकडाउन के बाद लोगों को कई तरह के संकटों का सामना करना पड़ रहा है. लॉकडाउन मे फंसे दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूर यूपी के रास्ते बिहार सीमा में भूखे प्यासे पैदल व साइकिल से सैकड़ों किलोमीटर का सफर पूरी कर बॉर्डर पर पहुचने का सिलसिला जारी हैं.
हालांकि बॉर्डर पर पहुंचने के बाद मेडिकल टीम द्वारा उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है तथा प्रशासन द्वारा भोजन कराने के बाद उन्हें बसों के माध्यम से अपने इलाकों में भेजा जा रहा है.वहीं बुधवार को बॉर्डर पर जिला अधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी और एसपी दिलनाजन अहमद ने जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की.
इस दौरान अधिकारियों ने विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया और कहा कि बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को किसी प्रकार की दिक्कत परेशानी नहीं होनी चाहिए कहा कि कोरोना वायरस बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस का पालन होना जरूरी है.बताते चलें कि रोजी रोटी की तलाश में घर छोड़कर दूसरे प्रदेशों में काम करने गए प्रवासी मजदूर के सामने जब भूख प्यास का संकट आया तो उन्हें बिहार में अपने आशियाने की ओर लौटने पर विवश होना पड़ा.
कोई पैदल, कोई साइकिल से निकल पड़े है. दिल्ली राजस्थान गुजरात हैदराबाद सहित अन्य राज्यों से कोई पैदल,तो कोई साइकिल से युपी बिहार बार्डर पर पहुंच रहे है. प्रवासी मजदूरों की पीड़ा सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं. मजदूरों के सामने इस तरह की विपत्ति कभी नहीं आई थी.
जो इस कोरोना काल में वे झेल रहे हैं. वही सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हुए प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं .बॉर्डर पर पहुंचने के बाद प्रशासन द्वारा मेडिकल टीम से उनका थर्मल स्क्रीनिंग कराया जा रहा है तथा भोजन उपलब्ध कराकर बस से उन्हें उनके गृह जिला को भेजा जा रहा है.

