बिहार का एक ऐसा विद्यालय, जहां बड़े ढक्कन में एक साथ 5 से 7 बच्चें खाते है एमडीएम का भोजन, जांच में मिला घोर अनियमितता

photo-निरीक्षण करते प्रमुख अधिकारी और भोजन करते बच्चें 

प्रमुख और बीपीआरओ की जांच में विद्यालय में मिली घोर अनियमितता

कुव्यवस्था देख कर भड़के जनप्रतिनिधि और अधिकारी

गैस सिलेंडर की बजाय मनरेगा की गैबियन से बन रहा मध्याह्न भोजन

भभुआ/रामपुर। गुरुवार को रामपुर प्रखंड के सबार पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बहेरी में ग्रामीणों की शिकायत पर प्रखंड प्रमुख घुरा सिंह यादव, बीपीआरओ दिव्य शक्ति द्वारा  निरीक्षण के दौरान घोर अनियमितता देखने को मिली है। जबकि विद्यालय की कुव्यस्था देखकर अधिकारी और जनप्रतिनिधि हैरान होने के साथ दांत तले उंगली दबाने लगे। सरकार और विभाग द्वारा विद्यालय में व्यवस्था के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है।
    फोटो ...रसोईया से पूछताछ प्रखंड प्रमुख

 लेकिन इस विद्यालय में जांच के दौरान व्यवस्था के बजाय कुव्यस्थ, गंदगी दिखी। यहां विद्यालय, रसोई घर, बर्तन की साफ सफाई खराब रहा। इस निरीक्षण में सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला तो एमडीएम के भोजन को बच्चों के खाने के दौरान हुआ। विद्यालय में बच्चों द्वारा  घर से थाली लाकर भोजन किया गया। विद्यालय के हेडमास्टर की लापरवाही कहे या दुर्भाग्य की कई बच्चें भोजन बनाने वाले डग के ढक्कन में खाना खा रहे थे। 
फोटो ...HM से पूछताछ करती बीपीआरओ 

वह भी एक साथ पांच से सात बच्चें एक ही ढक्कन में भोजन कर रहे थे। इसे देखकर प्रमुख, बीपीआरओ और कई जनप्रतिनिधि हैरान रह गए। स्कूल के शिक्षा व्यवस्था सवाल खड़ा होने लगा। अगर इस तरह एक ढक्कन में कई बच्चें एक खाते है तो बीमारियां भी फैल सकती है। क्योंकि अगर किसी बच्चे को कोई बीमारी या इंफेक्शन हो तो वह भोजन के दौरान दूसरे बच्चें को भी फैल सकता है। इसका जिम्मेदार कौन होगा। 

विद्यालय में शिक्षक शिक्षिका भीड़ गए
 प्रखंड प्रमुख घुरा सिंह यादव ने बताया कि ग्रामीणों की  शिकायत पर 12 बजे बहेरी विघालय जांच के लिए पहुंचा तो विघालय के कैम्पस में उपस्थित पंजी पर हस्ताक्षर बनाने को लेकर एक शिक्षक व शिक्षिका आपस में बहस कर रहे थे। कार्यालय में एक भी कुर्सी नहीं है। जैसे मानो लग रहा वह कार्यालय नहीं दुकान का गोदाम है।

साफ सफाई का ध्यान नहीं
उपस्थिति पंजी में शिक्षक उपस्थित थे। लेकिन एक शिक्षक एक पहले का भी हस्ताक्षर बनाये हुए थे। इस दौरान बीपीआरओ दिव्य शक्ति भी पहुंच गई। मध्याह्न भोजन की जांच के दौरान पता चला कि विद्यालय में बर्तन ही नहीं है। जो है वह टूटा हुआ है और कई वर्ष पुराना है। रसोइ घर में गंदा था। दाल को बिना ढके छोड़ दिया गया था।

विद्यालय में नहीं है एक भी प्लेट
बताया गया कि इस विद्यालय में साढ़े तीन सौ से अधिक बच्चे नामांकित है। जिसमे ढाई सौ से अधिक बच्चे प्रतिदिन आते है। लेकिन दुर्भाग्य है कि इस विद्यालय बच्चों को खाने के लिए एक भी प्लेट नही हैं। बच्चे अपने घर से प्लेट लाते है। हद तो तब हो गयी, जब बच्चे खाना बनाने वाला बर्तन के ढक्कन में पांच से सात बच्चें खा रहे थे। यह बिहार का पहला विद्यालय है जहां बच्चे ऐसे खाना खाते है। ऐसे में बीमारियां और इंफेक्शन भी फैल सकती है।

6-8 बच्चें नहीं खाते भोजन
कक्षा आठवी के लक्ष्मीना कुमारी, अंशु कुमारी, नीतू कुमारी, राजकुमारी गौंड, निधी कुमारी, सोनमती कुमारी दुर्गा कुमारी सहित दर्जनों छात्र छात्रा ने बताया कि स्कूल में थाली नहीं है। घर से बच्चें थाली लाकर खाते है। कई बच्चे तो एक साथ बर्तन के बड़े प्लेट में खाते है। जबकि कक्षा छह से आठ के बच्चे एमडीएम का भोजन नहीं खाते है। 

मनरेगा के गैबियन से बनता है मध्याह्न भोजन 
जांच में पता चला कि इस विद्यालय के गैस सिलेंडर से एमडीएम का भोजन नहीं बनता है बल्कि लकड़ियों से भोजन बनता है। वह मनरेगा विभाग द्वारा पौधे की सुरक्षा के लिए लगाए गए गैबीयन को चुरा कर लाने के बाद उसी गैबीयन वाले बांस की लकड़ियों से मध्याह्न भोजन बनता है। इसे देखकर सभी हक्के बक्के रह गए। क्या चल रहा है यह सब स्कूल में, जनप्रतिनिधियों और अधिकारी को कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है।
बोले हेडमास्टर
इस दौरान हेडमास्टर इरशाद अंसारी ने कहा कि एमडीएम का थाली को बच्चे चुरा ले गए। घर से थाली लाकर खाते है। 

कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा
प्रमुख ने बताया कि इस विद्यालय की अनिमितता को लेकर बीईओ और एमडीएम बीआरपी को सूचना दिया गया है। इसके साथ जांच और कारवाई के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। ताकि स्कूल की व्यवस्था में सुधार किया जाए।

वरीय पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजा जाएगा
जबकि इस मामले में बीपीआरओ दिव्य शक्ति ने कहा की विद्यालय जांच में अनियमितता मिली है। इसका रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेजा जाएगा।

मामले की जानकारी नहीं
इस मामले में रामपुर बीईओ रत्नेश सिंह ने बताया कि वह मोहनियां में मीटिंग में है। जांच में अनियमितता के बारे में जानकारी नहीं है।

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