कैमूर: कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में एक दीया बेटी के नाम कार्यक्रम हुई आयोजित, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का दिया गया संदेश


भभुआ कैमूर (बंटी जायसवाल)।
 शुक्रवार को युवा समाजसेवी कार्यकर्ता शिवम कुमार के नेतृत्व में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मोहनियां (देवकली), कैमूर में "एक दीया बेटी के नाम" कार्यक्रम आयोजित की गई। जहां बेटियों के नाम पर मिट्टी का दीया जलाया गया। इस दौरान कार्यक्रम में बच्चियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा ली । 


छात्राओं ने रंग-बिरंगे गुलाल, प्रकृतिक से जुड़ा हुआ कई विभिन्न तरह के पत्तों,फूल,टहनी आदि के सामग्री से  गणेश जी की आकृति, मोर की आकृति, जल संरक्षण की आकृति,पेड़ पौधों का आकृति, कई विभिन्न फूलो की आकृति कई तरह से रंगोली एक से बढ़ कर एक बहुत ही सुंदर रंगोली बनाकर पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी है तो कल है का संदेश दिया गया। 


छात्रों ने अपने नाम का दिया जलाते हुए बहुत ही उत्साह वर्धन देखने को मिली। शिवम कुमार ने बताया कि बेटियां सचमुच वरदान है। घर में लक्ष्मी आई से शुरू सफर आज समाज में सशक्त भूमिका निभा रही। बिटिया न सिर्फ परिवार में प्यार और खुशियां लाई बल्कि समाज में प्रतिभा और योगदान से राज्य, देश की शान भी बढ़ाती है। शक्ति स्वरूपा कि वे रूप हैं।घर की बेटियां ही लक्ष्मी है। 


बेटियों के सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। दिवाली के दिन प्रत्येक घर में माता लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दौरान लक्ष्मी स्वरूप बेटियों का सम्मान भी जरूरी है। आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। वे अपने देश व समाज का नाम रोशन कर रही है। बेटियों को कोई माता-पिता बोझ ना समझे। वे हमारे घर की लक्ष्मी है, परिवार की मान-अभिमान है। 


बेटियां जब तक सशक्त नहीं होगी, देश और हमारा समाज सशक्त नहीं होगा। बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। आज भी एक टिस कहीं न कहीं है बेटा -बेटी। इस भाव को मिटा देने की जरूरत है। इस कार्यक्रम के दौरान वार्डन शिक्षिका सुनीता कुमारी , शिक्षिका लता देवी, पूजा कुमारी, लेखपाल दिलीप शुक्ला , आदेश पाल सुदर्शन पासवान आदि उपस्थित रहे ।

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