LPG गैस कनेक्शन लेते समय 25 हजार से 2 लाख तक का होता है बीमा

LPG गैस कनेक्शन लेते समय 25 हजार से 2 लाख तक का होता है बीमा

Kaimurlivenews.blogpost.com न्यूज डेस्क/Bunty jayswal

- जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं द्वारा नहीं किया जाता है क्लेम

- ज्यादातर कनेक्शनधारियों को नहीं होता है बीमा की जानकारी

- गैस एजेंसियों द्वारा नहीं किया जाता है प्रचार प्रसार

जिला मुख्यालय के शहर के ज्यादातर घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन है. जिससे लोग अपने घरों में भोजन बनाते है. वही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत तो अब जिले के विभिन्न प्रखंडो गांव के घरों में भी निःशुल्क गैस का कनेक्शन दिया जा रहा है. जिससे अब गरीब परिवार के घरों में भी गैस सिलेंडर का उपयोग कर भोजन बनाने के लिए होने लगा है. इसका उपयोग भोजन बनाने तक तो है, लेकिन इसका लाभ एक और है जो शायद बहुत कम लोगो को ही होगा. जानकारी के मुताबिक आपने किसी भी गैस कंपनी जैसे इंडेन, एचपी, भारत का गैस कनेक्शन लिया है तो आपको गैस कनेक्शन लेते समय ही दुर्घटना बीमा हो जाता है. यह बीमा आपको 25 हजार से 10 लाख रूपये तक होता है. यह योजना कई वर्ष पुरानी है, लेकिन शहर के भी 90 फीसदी लोगों को इसके बारे जानकारी नहीं होती है. गांव की तो बात ही अलग है. गैस एजेंसी भी ग्राहकों को जानकारी नहीं देती है. बीमा योजना में जरूरी कागजात और शर्त के अनुसार आवेदन देने पर घायल से लेकर मौत तक मुआवजे देने का प्रावधान है. एलपीजी सिलेंडर से घरों में कई बार हादसे हो जाते हैं अब इसकी वजह कोई भी हो लेकिन यह दुर्घटनाएं कब हो जाएं किसी को नहीं पता होता. ऐसी स्‍थिति में घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाला 10 लाख का बीमा आपको राहत प्रदान कर सकता है. 

- कनेक्शनधारियों को नहीं होती बीमा की जानकारी

गैस कनेक्‍शनधारियों को यह बात शायद ही मालूम हो कि, हर एक कनेक्‍शन पर हादसा बीमा होता है. अगर किसी वजह से एलपीजी सिलेंडर फट जाता है या गैस लिकेज से आग लग जाए तो बीमा के रूप में 25 हजार से 10 लाख का मुआवजा मिल सकता है. वैसे बीमा की जानकारी ज्‍यादातर कनेक्शनधारियों को नहीं होती है जिसके अभाव में बीमा के लिए क्‍लेम नहीं कर पाते हैं. ऐसे में अगर आप चाहें तो बीमा कंपनियों और गैस कंपनी से बीमा संबधित जानकारी ले सकते हैं.

- कैसे होता है क्‍लेम

जानकारी के मुताबिक एलपीजी सिलेंडर से होने वाली दुर्घटनाओं में नुकसान के आधार पर बीमा का भुगतान किया जाता है. गैस एजेंसी व इश्‍योरेंस कंपनियां घटना स्‍थल पर जाकर सर्वे करती है और फिर क्‍लेम का निर्धारण करती हैं. क्‍लेम की रकम 25 हजार से 10 लाख रुपये तक हो सकती है. अगर क्‍लेम करना चाहते है तो हादसा होने के एक सप्ताह के अंदर संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर एजेंसी में क्‍लेम की कागजी कार्रवाई की जा सकती है.

- बीआईसी से मान्यता प्राप्त हो 

जानकारी के मुताबिक बीमा तभी मिल सकता है, जब गैस कनेक्‍शन में प्रयोग किए जाने वाले पाइप, रेगुलेटर समेत सभी जरूरी उपकरण भारतीय मानक ब्‍यूरो (BIC) से मान्‍य हों. यानी कि इनके ऊपर बीआईसी का लोगो छपा होना चाहिए. इस स्‍थिति में ही ग्राहक क्लेम के लिए आवेदन कर सकता है.

- बोले एजेंसी के मालिक

 आईएसआई मार्का का पाईप व स्टोव चूल्हा लेने के बाद उपभोक्ताओं का बीमा होता है. मेरे जानकारी के अनुसार गैस कनेक्शन लेते बीमा होता है. जो 25 हजार से 2 लाख रुपये तक है. घायल को 25 हजार और मौत होने पर परिजन को 2 लाख रुपये तक परिजनों द्वारा क्लेम का आवेदन एक सप्ताह के अंदर देने पर इसका गैस कंपनी के अधिकारी व कर्मियों द्वारा जांचोपरांत मुआवजे दिया जा सकता है. 10 लाख रुपये तक बीमा के सवाल पर कहा कि मुझे जानकारी नहीं है.
- मधुसूदन सिंह, नागा बाबा एचपी गैस एजेंसी मालिक, भभुआ
फोटो-  गैस सिलेंडर

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