भभुआ/दुर्गावती। पंडित दीनदयाल उपाध्याय(पीडीडीयू) गया रेलखंड पर कर्मनाशा रेलवे स्टेशन के पश्चिम का खजुरा गांव के पास के रेलवे के इन्सुलेटर (ओएचई में लगा तार) की चपेट में आने से एक बंदर की मौत हो गई। इससे ब्रैकेट असेंबली टूट गई। घटना के समय वहां से गुजर रही 12307 हावड़ा-जोधपुर ट्रेन के रफ्तार पर ब्रेक लग गया।आरपीएफ व संबंधित विभाग के कर्मियों ने गड़बड़ी को दूर किया। लगभग एक घंटे बाद ट्रेन गंतव्य को रवाना हुई।सुबह दस बजे एक बंदर रेल पटरी पर उछलते-कूदते हुए खंभे पर चढ़ने लगा। अचानक वह इन्सुलेटर से टकरा गया।
तेज चिंगारी से ब्रैकेट असेंबली टूट गई। वहीं बंदर के चिथड़े उड़ गए। बंदर शव वहां से गुजर रही हावड़ा-जोधपुर ट्रेन के इंजन के सामने गिर पड़ा। घटना की आशंका देख चालक ने ट्रेन को रोक दिया। अचानक ट्रेन के रूकने पर यात्री भी अपने अपने कोच से बाहर निकल गए। जानकारी होते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई।
उधर भभुआ आरपीएफ एएसआई अपने कर्मियों संग पहुंचे। आनन फानन में विभागीय कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर कोच पर चढ़ तार को दुरुस्त किया। वहीं तार में फंसे बंदर के शरीर के कुछ हिस्सों को हटाया गया। लगभग 11.10 बजे गड़बड़ी को दूर किया गया। उधर बेजुबान की जान चले जाने पर यात्रियों के चेहरे पर भी उदासी छाई रही।
तेज चिंगारी से ब्रैकेट असेंबली टूट गई। वहीं बंदर के चिथड़े उड़ गए। बंदर शव वहां से गुजर रही हावड़ा-जोधपुर ट्रेन के इंजन के सामने गिर पड़ा। घटना की आशंका देख चालक ने ट्रेन को रोक दिया। अचानक ट्रेन के रूकने पर यात्री भी अपने अपने कोच से बाहर निकल गए। जानकारी होते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई।
उधर भभुआ आरपीएफ एएसआई अपने कर्मियों संग पहुंचे। आनन फानन में विभागीय कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर कोच पर चढ़ तार को दुरुस्त किया। वहीं तार में फंसे बंदर के शरीर के कुछ हिस्सों को हटाया गया। लगभग 11.10 बजे गड़बड़ी को दूर किया गया। उधर बेजुबान की जान चले जाने पर यात्रियों के चेहरे पर भी उदासी छाई रही।



