बंटी जायसवाल की विशेष रिपोर्ट
# नए साल के पहले दिन मां का आशीर्वाद लेने पर सालो भर रहेंगे खुशहाल
भभुआ/कैमूर। नए साल के मौके पर अगर आप अपने दिन की शुरुआत कही धार्मिक स्थलों से करना चाहते है तो आप मां मुंडेश्वरी का दर्शन व आशीर्वाद के बाद कर सकते है। नव वर्ष आगमन पर कैमूर के पहाड़ियों में बसे मां मुंडेश्वरी धाम में पहले दिन मत्था टेंक कर माता का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लेकर नए साल का जश्न व आनंद मना सकते है। लोगों का मानना है कि जो भी माता मुंडेश्वरी का नए साल के पहले दिन आशीर्वाद व दर्शन पूजन कर लेता है। वह सालों भर खुशहाल रहता है और माता का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। आज हम आपको मां मुंडेश्वरी धाम के बारे में बताते है।
नए साल पर मत्था टेंक कर मांगते है आशीर्वाद
कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के रामगढ़ गांव के पवरा पहाड़ी पर प्राचीन मां मुंडेश्वरी का मंदिर है. यहां की प्राकृतिक छटां मनोरम व सुंदर है. जिसको देखकर लोगों का मन प्रफुल्लित हो जाता है. इस प्रखंड में स्थित प्राचीन माता मुंडेश्वरी का मंदिर है. जहां साल के हर रोज सैकड़ों, हजारों की संख्या में दर्शनार्थी मां के दरबार में मत्था टेकने के लिए पहुंचते है. नव वर्ष के मौके पर हजारों की संख्या में लोग मां के चरणों में मत्था टेक कर दर्शन पूजन कर नव वर्ष को मंगलमय की कामना की जाती है.
शुद्ध शाकाहारी लिट्टी चोखा के साथ लोग मनाते है पिकनिक
इसके साथ ही धाम के नीचे आने वाले दर्शनार्थियों द्वारा लिटी चोखा, शुद्ध शाकाहारी भोजन बना कर खाते हुए पिकनिक मनाते है. यहां चैत्र व अश्विन माह के नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या करीब लाख के आस पास पहुंच जाती है. इसके अलावा यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग समय - समय पर आते जाते रहते हैं. कैमूर का यह तीर्थ स्थल पूरे साल श्रद्धालुओं व दर्शनार्थियों की चहल पहल से गुलजार रहता है. अब तो इस मंदिर में मां मुंडेश्वरी का दर्शन करने विदेशी पर्यटक भी आने लगे हैं.
कैसे पहुँचे
जिला मुख्यालय से 15 किमी व भगवानपुर प्रखंड से 5 किमी की दूरी मां मुंडेश्वरी मंदिर स्थित है. यहां पर पहुंचने के लिए कई रास्ते है. भभुआ से भगवानपुर बाजार होकर, रामपुर प्रखंड से सोन उच्च स्तरीय नहर होते हुए, बेतरी गांव के पास से दक्षिण में जाने वाली पथ से मां मुंडेश्वरी मंदिर तक पहुंचा जा सकता है.
# नए साल के पहले दिन मां का आशीर्वाद लेने पर सालो भर रहेंगे खुशहाल
भभुआ/कैमूर। नए साल के मौके पर अगर आप अपने दिन की शुरुआत कही धार्मिक स्थलों से करना चाहते है तो आप मां मुंडेश्वरी का दर्शन व आशीर्वाद के बाद कर सकते है। नव वर्ष आगमन पर कैमूर के पहाड़ियों में बसे मां मुंडेश्वरी धाम में पहले दिन मत्था टेंक कर माता का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लेकर नए साल का जश्न व आनंद मना सकते है। लोगों का मानना है कि जो भी माता मुंडेश्वरी का नए साल के पहले दिन आशीर्वाद व दर्शन पूजन कर लेता है। वह सालों भर खुशहाल रहता है और माता का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। आज हम आपको मां मुंडेश्वरी धाम के बारे में बताते है।
नए साल पर मत्था टेंक कर मांगते है आशीर्वाद
कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के रामगढ़ गांव के पवरा पहाड़ी पर प्राचीन मां मुंडेश्वरी का मंदिर है. यहां की प्राकृतिक छटां मनोरम व सुंदर है. जिसको देखकर लोगों का मन प्रफुल्लित हो जाता है. इस प्रखंड में स्थित प्राचीन माता मुंडेश्वरी का मंदिर है. जहां साल के हर रोज सैकड़ों, हजारों की संख्या में दर्शनार्थी मां के दरबार में मत्था टेकने के लिए पहुंचते है. नव वर्ष के मौके पर हजारों की संख्या में लोग मां के चरणों में मत्था टेक कर दर्शन पूजन कर नव वर्ष को मंगलमय की कामना की जाती है.
शुद्ध शाकाहारी लिट्टी चोखा के साथ लोग मनाते है पिकनिक
इसके साथ ही धाम के नीचे आने वाले दर्शनार्थियों द्वारा लिटी चोखा, शुद्ध शाकाहारी भोजन बना कर खाते हुए पिकनिक मनाते है. यहां चैत्र व अश्विन माह के नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या करीब लाख के आस पास पहुंच जाती है. इसके अलावा यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग समय - समय पर आते जाते रहते हैं. कैमूर का यह तीर्थ स्थल पूरे साल श्रद्धालुओं व दर्शनार्थियों की चहल पहल से गुलजार रहता है. अब तो इस मंदिर में मां मुंडेश्वरी का दर्शन करने विदेशी पर्यटक भी आने लगे हैं.
कैसे पहुँचे
जिला मुख्यालय से 15 किमी व भगवानपुर प्रखंड से 5 किमी की दूरी मां मुंडेश्वरी मंदिर स्थित है. यहां पर पहुंचने के लिए कई रास्ते है. भभुआ से भगवानपुर बाजार होकर, रामपुर प्रखंड से सोन उच्च स्तरीय नहर होते हुए, बेतरी गांव के पास से दक्षिण में जाने वाली पथ से मां मुंडेश्वरी मंदिर तक पहुंचा जा सकता है.

