#मुखिया के स्थान पर पूर्व मुखिया करता था पंचायत के खाते का संचालन
#शिकायत के बाद हुआ खाता परिवर्तन
# प्रखंड के चैनपुर पंचायत का मामला
चैनपुर/कैमूर. खाता किसी और का और उसका संचालन करे कोई और सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन यदि आप चैनपुर में हैं तो ये सामान्य सी बात है. सरकारी खाता हो या समिति का खाता हो उसका संचालन संयुक्त रूप से पद पर बने व्यक्ति द्वारा किया जाता है. लेकिन कैमूर के चैनपुर प्रखंड के चैनपुर पंचायत में इसका ठीक उल्टा हो रहा है. चैनपुर पंचायत के वर्तमान मुखिया नुसरत परवीन है।शपथग्रहण के बाद चुने गए मुखिया पंचायत सचिव से मिल सभी योजनाओ से संबंधित खाता में नाम परिवर्तन कराने में लग गए लेकिन चैनपुर में ऐसा नहीं किया गया. चैनपुर हमेशा से नित नए कारनामों के कारण चर्चा में रह है.
पति व पत्नी के कारनामे
जब पति और पत्नी की जुगलबंदी हो तो आप कारनामों का अंदाजा भी नहीं लगा सकते. जून 2016 में चैनपुर मुखिया पद संभाली नुसरत परवीन के नाम से खाता परिवर्तन पद संभालने के लगभग ढाई साल बाद हुआ. अब आप सोचेंगे के जब खाता परिवर्तन ढाई साल बाद हुआ तो इस खाते से राशि की निकासी नहीं हुई होगी तो आप गलत सोच रहे हैं.
मुखिया पति ने खाता नहीं कराया परिवर्तन
अपने कारनामों के लिए मशहूर मुखियापति परवेज अख्तर परवेज ने पत्नी के जितने के बाद खाता परिवर्तन करना मुनाशीब नहीं समझे और उनके और पंचायत सचिव रविन्द्र राम के संयुक्त हस्ताक्षर से कहते का संचालन होता रहा जो कि नियम के विरुद्ध और वित्तीय अनियमितता का द्योतक है.
बीडीसी ने लगाया आरोप
अपने कारनामों के लिए मशहूर मुखियापति अख्तर परवेज पर पंचायत के बीडीसी शाबिबा प्रवीन ने मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना सहित पंचायत में चलने वाली विभिन्न योजनाओं में मनमानी का आरोप लगाया है. लेकिन शबीबा प्रवीन ने अब उनपर पंचायत के पंचम वित्त आयोग व चौदहवाँ वित्त के खाते का संचालन पंचायत सचिव रविन्द्र राम के साथ मिलकर गलत ढंग से खाते का संचालन का आरोप लगाया गया है. इससे संबंधित शिकायत पासबुक की कॉपी के साथ पंचायत के पंचायत समिति सदस्य शाबिबा प्रवीन द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी से की गई है. मुखिया पति पर गलत तरीके से खाते का संचालन सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
बीडीओ के नाक के नीचे कारनामे,कार्रवाई नहीं
इस मामले के खुलासे के बाद बीडीओ द्वारा पत्र निर्गत कर वर्तमान मुखिया के नाम से खाता परिवर्तन का आदेश जारी किया गया लेकिन इस वित्तीय अनियमतता पर कार्रवाई करने के नाम पर बीडीओ द्वारा कुछ नहीं किया गया. ढाई साल तक पूर्व मुखिया गलत ढंग से खाते का संचालन बीडीओ के नाक के नीचे करता रहा और इसकी जानकारी किसी को ना होना कहीं न कहीं बड़ी कारगुजारियों की तरफ इशारा करता है. ढाई साल बाद बीडीओ द्वारा पत्र भी निर्गत किया गया तो सिर्फ खाता परिवर्तन के लिए. यानी ढाई साल तक पूर्व मुखिया द्वारा किया गया खाता संचालन उनकी नजर में संवैधानिक है.
पंचम वित्त से 40 लाख की हेराफेरी
चैनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अख्तर परवेज द्वारा अपने पत्नी के मुखिया बनाने के बाद खाता परिवर्तन न कराकर सिर्फ पंचम वित्त से ही 40 लाख से अधिक का हेरफेर किया गया है. पूर्व मुखिया द्वारा पंचायत के पंचायत सचिव रविन्द्र राम के साथ मिलकर इन राशियों का हेरफेर किया गया है. सबसे बड़ी बात ये है कि यदि खाता परिवर्तन मुखिया द्वारा नहीं कराया जा रहा है तो इसकी जानकारी पढ़े लिखे जिसके पास पंचायत के सभी योजनाओं का लेखाजोखा रखने वाले पंचायत सचिव की क्या जिम्मेवारी बनती है. यहां पंचायत और पूर्व मुखिया की जुगलबंदी ने अकेले पंचम वित्त के खाते से 40 लाख रुपये को ठिकाने लगा दिए. उक्त सभी आरोप की शिकायत बैंक स्टेटमेंट के साथ बीडीओ से की गई है. बीडीओ को चैनपुर पंचायत के पंचम वित्त की खाता जोकि मध्य बिहार ग्रामीण बैंक में है.
100 से अधिक बार मे निकाली गई राशि
शबीबा प्रवीन द्वारा दिये गए बैंक स्टेटमेंट में एक जुलाई 2016 से एक दिसम्बर तक लगभग 41 हजार पैंतालीस हजार से अधिक की निकासी की गई है. इसमें पचास हजार से अधिक की निकासी दस से अधिक बार किया गया है. एक लाख से अधिक की निकासी सात व दो लाख से अधिक की निकासी सात बार किया गया है. बीडीओ को दिए गए स्टेटमेंट में इस खाते से सबसे अधिक निकासी पंचायत सचिव रविन्द्र राम द्वारा किया गया है. इस जुगलबंदी के सहारे पंचायत सचिव द्वारा ढाई साल में इस खाते से सौ से अधिक बार निकासी किया गया है. जिससे ये स्पष्ट होता है कि इस हेरफेर में दोनों बराबर के सहयोगी हैं.
जांच व कार्रवाई के लिए सीएम को भेजा पत्र
उक्त आरोप लगाए हुए बीडीसी सबीबा प्रवीन ने बताया कि ये वित्तीय गबन है जिसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए जिसके लिए बीडीओ को आवेदन दिया गया है और उसकी प्रति जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजा गया है. शबीबा प्रवीन द्वारा किये गए खुलासे के बाद 17 दिसंबर को आनन फानन में खाता परिवर्त करायी गयी.
बोले बीडीओ
इस संबंध पूछे जाने पर बीडीओ राजेश कुमार ने जांच कर कार्रवाई की बात कही. इसपर शबीबा प्रवीन ने कहा कि बीडीओ द्वारा बार बार कार्रवाई की बात कही जाती है लेकिन अबतक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कि जाती है. उन्होंने कहा कि बीडीओ से कई बार शिकायत की गई है लेकिन उनसे सिर्फ आश्वासन ही मीला है. शबीबा प्रवीन ने कहा कि उन्हें बीडीओ पर तनिक भी विश्वास नहीं है. उन्होंने डीएम के जनता दरबार मे इस मुद्दे को उठाने की बात कही.

