पहली बार बीडीओ तो दूसरी बार मे बने नगर कार्यपालक पदाधिकारी
कैमूर लाइव न्यूज़ से बंटी जायसवाल
भभुआ कैमूर। कहते है दिल में जज्बा और मुकाम हासिल करने की इच्छाशक्ति हो तो परिश्रम करने पर एक दिन सफलता जरूर मिलती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया कैमूर के भभुआ सदर प्रखंड में पदस्थापित भभुआ बीडीओ मुकेश कुमार ने। भभुआ बीडीओ ने पहली बार में बीपीएससी की परीक्षा में बीडीओ बने तो दूसरी बार में बीपीएससी परीक्षा में 987 वां रैंक प्राप्त कर नगर कार्यपालक पदाधिकारी बने। आज यानी बुधवार को पटना में नगर प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद और नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा द्वारा मुकेश कुमार को नियुक्ति पत्र दिया गया है। जो Municipal Executive Officer यानी नगर कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कमान संभालेंगे। फिर हाल मुकेश कुमार कैमूर के भभुआ सदर प्रखंड BDO के रूप में पदस्थापित है।
गया जिले के महिमपुर गांव के है
भभुआ बीडीओ से बीपीएससी परीक्षा पास कर जहानाबाद के नगर कार्यपालक पदाधिकारी बने मुकेश कुमार गया जिले के टिकारी थाना के महिमापुर गांव के निवासी है। इनके पिता का नाम नवल किशोर सिंह है जो किसान है।इनकी माता स्व मनी देवी जो इस दुनिया में नहीं। इनके तीन भाई व तीन बहन है। कैमूर लाइव न्यूज़ से बातचीत में भभुआ बीडीओ मुकेश कुमार ने बताया कि 1999 में
पटना जान निकेतन से मैट्रिक, 2001 में बोकारो डीपीएस से इंटरमीडिएट, 2006 में बीटेक इंजीनियरिंग आईसीटी किया। इसके बाद 2009 में स्वीडन की कंपनी इरिशन में काम किया। इसके बाद तैयारी करते हुए 2013 में बीपीएससी की परीक्षा देने पर पहली बार मे ही चयनित हो गया। जो जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड के बीडीओ बने। जिसके बाद स्थानांतरण होने पर 2017 में भभुआ सदर प्रखंड के बीडीओ बने। इसके बाद तैयारी करते हुए फिर बीपीएससी की परीक्षा तो पास होकर दूसरी बार में 987 वां रैंक प्राप्त कर नगर कार्यपालक पदाधिकारी बन गए।
दृढ़ इच्छा शक्ति, परिश्रम व विश्वास सफलता का मूल मंत्र
भभुआ बीडीओ ने कैमूर लाइव न्यूज के पाठकों को संदेश के रूप में कहा कि अगर किसी केे पास दृढ़ इच्छा शक्ति नहीं है तो वह किसी भी मुकाम को हासिल नहीं कर सकता है। इसके साथ ही अपने आप पर भरोसा व विश्वास कर परिश्रम करने पर सफलता को प्राप्त कर सकते है। यही सफलता का मूल मंत्र है। मैं एक तरफ बीडीओ का कार्यभार संभालते हुए रात को पढ़ाई करता रहा। मेरा लक्ष्य कुछ अलग था। इसके लिए जी तोड़ मेहनत करता रहा। इसका परिणाम रहा कि मैं आज नगर कार्यपालक पदाधिकारी बन पाया हूं।

