भभुआ/मोहनिया/कैमूर। लोग कहते है की मुकाम हासिल करना है और अपना नाम व देश का नाम रोशन करना है तो वह किसी भी क्षेत्र में अपनी मेहनत व परिश्रम की बदौलत रोशन किया जा सकता है। चाहे खेल, शिक्षा, पेंटिंग, आर्ट, डांस, मूर्ति निर्माण आदि में अपने नाम और देश का नाम गर्व से ऊंचा कर सकते है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बिहार के कैमूर के लाल मूर्तिकार रविप्रकाश ने। कैमूर के इस होनहार से मूर्तिकार ने चीन में बर्फ की भगवान कृष्ण व कालिया दह की मूर्ति बना कर भारत का अपना परचम लहराया है।
बर्फ की बनाई कालियादह की जीवंत मूर्ति
रविप्रकाश न एक्सीलेंस अवार्ड पर कब्जा जमा कर भारत का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। मूर्तिकार रविप्रकाश को यह आवार्ड उन्हें बर्फ पर भारतीय संस्कृति से जुड़ी भगवान कृष्ण की कालिया दह की जीवंत मूर्ति बनाने पर मिला है. रवि व उनकी टीम ने चीन में -25 ℃ से -29℃ के तापमान में बर्फ की मूर्ति बनाई। इस टीम में इंडिया के चार जाबांज मूर्तिकार थे। रविप्रकाश व टीम ने एक्सीलेंस अवार्ड पर कब्जा जमाते हुए भारत का तिरंगा लहराया है।
17 देशों की टीम ने लिया भाग
चीन के हर्बिन शहर में 8वीं इंटरनेशनल आइस स्कल्पचर की विभिन्न प्रतियोगिताओं आयोजित हुआ। जिसमें भारत समेत कुल 16 देशों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में सभी देश के प्रतिभागियों ने बर्फ पर अपने अपने देश की सांस्कृतिक को प्रदर्शित किया था. पहली बार इस तरह की प्रतियोगिता में भारत ने भाग लिया।भारत की टीम अभ्युदय का नेतृत्व कैमूर के लाल रविप्रकाश ने किया।
पकड़िहार गांव के है रविप्रकाश
रविप्रकाश कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड के पकड़िहार गांव के है। रविप्रकाश ने काफी परेशानियों के बीच अपनी पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मूर्तिकार को अपना कैरियर बनाया। जिसके बाद अब लगातार देश के लिये मूर्तिकला के क्षेत्र में नाम कर रहे है। रविप्रकाश को पिछले साल मैक्सिकों में बेस्ट मूर्ति का अवार्ड घास-फूस व लकड़ी से नटराज की मूर्ति बनाने के बाद मिला था।
चीन में काम करना था मुश्किल
रविप्रकाश का कहना है कि भारत की अपेक्षा चीन मेंं बर्फ पर काम करना काफी मुश्किल हो रहा था. यह प्रतियोगिता छह से आठ जनवरी तक चली। इस प्रतियोगिता में टीम को दो-दो प्रतिभागियों के बीच बांट दिया गया. जिससे सोलह देशों की कुल 34 टीमों ने भाग लिया। बर्फ की कालियादह मूर्ति बना कर एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त किया है। अब आखिरी प्रतियोगिता में टॉप थ्री में जगह बनाने का प्रयास जारी है।

