#24 घण्टे से ज्यादा हो गया भुख हड़ताल को, रामपुर पीएचसी के सामने खुले आसमान के नीचे 2 जनवरी से है भूख हड़ताल
#किसी अधिकारी व कर्मी ने नहीं जाना हाल
भभुआ/रामपुर/कैमूर। कैमूर जिले के रामपुर से बड़ी खबर है। बुधवार से मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रही आशा कार्यकर्ताओं में दो आशा कार्यकर्ताओ की गुरुवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद पीएचसी प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार द्वारा इलाज किया गया।
एक आशा कार्यकर्ता को स्लाइन भी चढ़ाना पड़ा। बुधवार से ही रामपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएचसी के सामने अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताए भूख हड़ताल पर बैठी हुई है। गुरुवार की सुबह भूख हड़ताल में शामिल आशा कार्यकर्ता रिंकू देवी व रीना देवी की अचानक तबियत बिगड़ गयी।जिसके बाद प्रभारी चिकित्सक द्वारा जांच कर प्राथमिक उपचार किया गया।
1 दिसंबर से ही है अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
गौरतलब है कि 1 दिसंबर से ही अपनी मांगों को ले आशा कार्यकर्ताओ अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री,
मुख्यमंत्री का पुतला दहन, रोड जाम, रेल रोको कर विरोध जता चुकी है। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा। अब आशा कार्यकर्ता सभी उपाय लगाने के बाद कुछ नहीं होने पर करो या मरो नारे को बुलंद करते हुए 2 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गयी है।
सरकार से अपनी मांगों के लिए करो या मरो
भुख हड़ताल कर रही आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक दो आशा कार्यकर्ताओ का तबियत खराब होने से हमलोगों को डर नहीं है। अब हमलोग अपनी मांगों को सरकार से मनवाने के लिए विवश करेंगे। करो या मरो के साथ भूख हड़ताल पर रहेंगे।
जब तक हमारी मांग सरकार पूरा नहीं करती है। इतनी बातों से इनके हौसले बुलंद नजर आ रहा है। 10 -10 आशा कार्यकर्ताओं का टीम बना है जो भुख हड़ताल पर 24 घण्टे तक रह रही है। वह भी खुले आसमान के नीचे दिन रात बैठी हुई है।
बोले पीएचसी प्रभारी
इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि भूख हड़ताल कर दो आशा कार्यकर्ताओं की तबियत बिगड़ गयी थी। जिसके बाद स्लाइन चढ़ा कर इलाज किया गया। अब ठीक है। उन्हें ठंड लग गयी थी और गैस हो गया था।






