बंदूक रिवाल्वर का लाइसेंस लेने वाले को पहले दिखाना होगा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

भभुआ कैमूर। अगर आप शस्त्र यानी बंदूक रिवाल्वर का लाइसेंस लेना चाहते है तो अब लाइसेंस लेना काफी मुश्किल होने वाला है। क्योंकि शस्त्र का लाइसेंस लेने के पहले आपको उसे चलाने का प्रमाण पत्र यानी सर्टिफिकेट दिखाना होगा। प्रमाणपत्र दिखाने के लिए आपको ट्रेनिंग लेना होगा तभी तो प्रमाणपत्र दिखा सकते है। यह आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। शस्त्र का लाइसेंस लेने के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देना होगा। बगैर प्रशिक्षण प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वाले व्यक्ति को शस्त्र का लाइसेंस नहीं दिया जायेगा।

भारत सरकार गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश
इसकी जानकारी देते हुए सामान्य शाखा के वरीय उप समाहर्ता रमेश चंद्र चौधरी ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि आयुध नियम 2016 के तहत शस्त्र लाइसेंसधारी की स्वीकृति के लिए नियम दस के तहत प्रशिक्षण प्राप्त प्रमाण पत्र देना होगा। बताया गया कि भारत सरकार द्वारा जारी पत्र के आलोक में बिहार सरकार के गृह मंत्रालय के आलोक में सभी जिले के लिए पत्र जारी किया गया है। बताया कि अब  हथियार का लाइसेंस लेने वाले आवेदकों को पहले प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण लेने के बाद ही आवेदक नया शस्त्र के लिए लाइसेंस का आवेदन दे सकते है। 
प्रशिक्षण देने का समय व तिथि होगा निर्धारण 
यह भी बताया गया कि शस्त्र का लाइसेंस लेने वाले आवेदकों को प्रशिक्षण देने के लिए समय व तिथि का निर्धारण किया जायेगा। जो अभी नहीं हुआ है।  अभी प्रशिक्षण देने का स्थान व तिथि का निर्धारण नहीं हुआ है। इसका सूचना कार्यालय स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण के संबंध में मार्गदर्शन भी मांगा जाएगा। 
2500 जिले में शस्त्र लाइसेंसधारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कैमूर जिले में वर्तमान समय में 2500 शस्त्र लाइसेंसधारी है। जबकि नया शस्त्र लाइसेंस के लिए करीब 500 से अधिक आवेदकों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आवेदन किया गया है। 
पहले वाले लाइसेंसधारी को भी लेना होगा प्रशिक्षण
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पहले के जो लोग शस्त्र लाइसेंस ले चुके है उन्हें भी प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण पत्र लेना होगा। आयुध नियम 2016 धारा 10 (1) के उपनियम क से च तक के आयुध एवं गोला बारूद रखने वाले तथा संचालित करने का प्रशिक्षण एवं रख-रखाव की भी जानकारी होना आवश्यक है।

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top