# तीन माह से लगा रहे कार्यालयों के चक्कर
चैनपुर/कैमूर(नीरज राजपूत). वर्तमान समय मे शौचालय प्रखंड व जिलास्तरीय पदाधिकारियों के लिए गले की हड्डी बनते जा रहा है. प्रतिदिन महिलाएं प्रोत्साहन राशि की भुगतान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंच रहीं हैं और आश्वासन के बाद खाली हाथ लौट जाती हैं. लेकिन गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में प्रखंड मुख्यालय पहुंची महिलाएं किसी भी प्रकार के आश्वासन से हिलने वाली नहीं थी. अपने हक़ को ले आरपार की लड़ाई के लिए कमर कस चुकी महिलाएं बार बार टालमटोल से आक्रोशित हो सड़क पर उतर गयीं. शौचालय के प्रोत्साहन राशि के लिए तीन महीने से कार्यालय का चक्कर लगा रहीं महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। जिसके बाद ये प्रखंड मुख्यालय के सामने एनएच 219 पर बैठ गईं. महिलाओं के सड़क पर उतरने से सड़क पर जाम लग गयी. सड़क के दोनों तरफ एक किलोमीटर से भी लंबा जाम लग गया. सड़क जाम के कारण इसमें कई स्कूल वैन भी फंसी हुई थी जो छुट्टी के बाद उन्हें घर छोड़ने जा रही थी. इस जाम के दौरान यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी लेकिन इस दौरान बीडीओ कार्यालय में मौजूद वरीय उप समाहर्ता कार्यालय से बाहर नहीं आये.
दो घंटे के महाजाम के बाद आखिरकार मनरेगा पीओ और एएसआई भाष्कर यादव मौके पर आए और लोगों को समझाया लेकिन महिलाएं अपनी मांगों को लेकर अड़ी रहीं. खड़ौरा के निर्मला देवी, उषा देवी, सीमा देवी आदि ने बताया कि उन्होंने ब्याज पर रुपए लेकर शौचालय का निर्माण कराया लेकिन अब तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया. अब पुनः आश्वासन की बात हम नहीं मानेंगे. इस पर मनरेगा पीओ ने महिलाओं से बात की और कहा कि 10 दिनों के भीतर सबको शौचालय की राशि की भुगतान कर दिया जाएगा. इस आश्वासन और जाम में फंसे लोगों की बात को सुन महिलाओं ने अपना जाम हटाया.


