कैमूर लाइव न्यूज से बंटी जायसवाल
भभुुुआ कैमूर। मंगलवार को कैमूर के चैनपुर प्रखंड स्थित करकटगढ़ गांव सूबे के मुखिया नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर से पहुँचे। यहां पर मुख्यमंत्री ने करकटगढ़ जलप्रपात पहुँच कर चारो तरह अवलोकन करने के बाद कहा कि कैमूर के करकटगढ़ जलप्रपात को मगरमच्छ संरक्षण केंद्र और इसके क्षेत्र के इको टूरिज्म बनाने के किए वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक व मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी को पहल शुरू करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यहां से लिंक सड़क निकाला जाए ताकि लोगों को यहां तक आने जाने में परेशानी न हो।मुख्यमंत्री ने जलप्रपात का अद्भुत नजारा देखा। वही वन विभाग के अधिकारियों को जल पंक्षियों व पशुओ को सर्वे कराने की बात कही। यहां पर मगरमच्छ संरक्षण केंद्र व इको टूरिज्म बनने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। जिसका प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। सीएम ने जलप्रपात से कोई गिरे नहीं इसका ध्यान रखते हुए घेराबंदी कराने का निर्देश दिया। वही करकटगढ़ जलप्रपात के पास वन विभाग के बने सर्किट हाउस से कर्मनाशा नदी का मुआयना किया। वही सीएम ने कैमूर में टाईगर रिजर्व जोन व पक्षी आश्रय स्थल बनाने के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। गौरतलब है कि करकटगढ़ जलप्रपात के जलाशय मगरमच्छ मिलते है। यहां पर वन विभाग द्वारा दो जलाशय बनाये गए है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव थे। आपको बता दें कि प्रकृति की वादियों के बीच मनोरम छंटा बिखेरता है यह जलप्रपात। यहां के अद्भुत नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है। मुख्यमंत्री के पहुँचने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों व नेताओ द्वारा गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। मौके पर डीएफओ सत्यजीत कुमार, डीडीसी केपी गुप्ता सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।


