आक्रोशितों की भीड़ में पथराव में मोहनिया डीएसपी व इंस्पेक्टर घायल, वाराणसी रेफर
बचाव में पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियां
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आक्रोशितों की भीड़ से बचाव के लिए रामगढ़ थाने की पुलिस ने कई राउंड गोलियां भी चलाईं गयीं। घटना की सूचना के बाद मौके पर कई थाने की पुलिस जवान पहुँच गयी। रामगढ़ बाजार के दुर्गा चौक को आक्रोशितों की भीड़ ने युवती के शव रख जाम कर दिया। जिसके बाद आगजनी व तोड़फोड़ भी हुई। जिसके बाद रामगढ़ में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
पुलिस कर रही कैंप
तनाव की स्थिति को काबू करने के लिए कैमूर के कई थाने की पुलिस पहुँच गयी। जिसके बाद पुलिस दल बल के साथ के कैंप कर रही है। इसके साथ पुलिस द्वारा बाजार में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। आक्रोशितों व परिजनों द्वारा युवती का शव को रख कर जाम करते हुए आरोपियो की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। वही डीएम और एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
सीएसपी संचालक पर हत्या का आरोप
परिजनों का कहना था कि मृतक युवती शशिलता
परिजनों का कहना था कि मृतक युवती शशिलता
सीएसपी बैंक से चार हजार रूपये निकालने के लिए दस दिन से परेशान थी. सीएसपी संचालक बार-बार नेट स्लो की बात करता था. बताया जा रहा है कि युवती तंग आकर सीएसपी संचालक के खिलाफ थाने में FIR कर दी। जिसके बाद थाने में सीएसपी संचालक पहुँचा। पुलिस दोनो को समझा कर सुलह करा दिया। पुलिस ने सीएसपी संचालक को पैसे देने की बात कही गयी। लेकिन थाने से युवती घर नहीं पहुंची।
रेलवे ट्रैक पर पड़े होने मोहनिया जीआरपी ने परिजनों को सूचना
मोहनियां जीआरपी ने परिजनों को फोन कर सूचना दिया कि आपकी बेटी रेलवे ट्रैक पर पड़ी है। जिसके बाद परिजन मोहनिया पहुँच कर युवती को लेकर वाराणसी इलाज के लिए ले गए। जहां इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई. युवती का सिर फटा हुआ था और चाकू से हमला किया हुआ था.
सीएसपी संचालक ने ही घटना का दिया होगा अंजाम
परिजनों द्वारा सीएसपी संचालक पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया और उस पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
परिजनों द्वारा सीएसपी संचालक पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया और उस पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
पथराव में मोहनिया डीएसपी व इंस्पेक्टर घायल,
वाराणसी रेफर
युवती मौत के बाद रामगढ़ थाने को आग के हवाले करने के बाद आक्रोशितों द्वारा सड़क जाम व आगजनी व तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद से रामगढ़ बाजार में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी। घटना की सूचना पर मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह, मोहनिया इंसपेक्टर विंध्याचल प्रसाद पहुँचे।
जहां वे आक्रोशितों को समझाने के दौरान आक्रोशितों द्वारा पथराव किया गया। जिसमें मोहनिया डीएसपी व इंस्पेक्टर घायल हो गए। जिसके बाद प्राथमिक उपचार करने के बाद वाराणसी बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस द्वारा बचाव में कई राउंड गोलियां भी चलाई गई।
जहां वे आक्रोशितों को समझाने के दौरान आक्रोशितों द्वारा पथराव किया गया। जिसमें मोहनिया डीएसपी व इंस्पेक्टर घायल हो गए। जिसके बाद प्राथमिक उपचार करने के बाद वाराणसी बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस द्वारा बचाव में कई राउंड गोलियां भी चलाई गई।








