#रामगढ़ के बड़ौरा गांव पहुँचे जीतनराम मांझी, मृतक युवती के परिजनों से मिले, घटना की ली जानकारी
भभुआ/रामगढ़। आज यानी रविवार को
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी बिहार के कैमूर के रामगढ़ बड़ौरा गांव पहुँचे। जहां वे दलित मृतक युवती शशिकला के माता पिता व परिजनों से भेंट कर इस घटना की विस्तार से जानकारी ली। मांझी ने मृतक युवती के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।मृतका के पिता ने मांझी से कहा कि साहब हमारी बेटी को इंसाफ दिला दीजिए।मां ने रोते हुए कहा कि हमारी बेटी का मौत नहीं सुनियोजित तरीके हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।
मेरे घर पर नहीं आये विधायक, सांसद व जनप्रतिनिधि
परिजनों ने कहा कि मेरी की हत्या होने के बाद आज तक एक भी सांसद, विधायक व मुखिया तक नहीं आये है। एक भी जनप्रतिनिधि नहीं आये।आप ही है जो पहली बार आये है। मुझे अच्छा लगा। मुझे न्याय दिलवाइये। पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने पूरी घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद कहा कि हर हाल में इंसाफ न्याय दिलाने का काम करूंगा। सरकार को चाहिए था कि अब तक इस मामले में प्राथमिकी और गिरफ्तारी हो जाना चाहिए था। उन्होंने मृतका के परिजनों से कहा कि हमारी तरफ से जो भी मदद होगा। उसे दिलाने का काम करूंगा। सीएसपी संचालक का गिरफ्तारी तो होकर ही रहेगा। इसके लिए पहल किया जायेगा। गृहमंत्री व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में बातचीत कर न्याय दिलाने की मांग किया जायेगा।
मांझी ने कहा युवती की मौत नहीं हत्या है
जीतनराम मांझी ने मृतका के परिवारवालों से मुलाकात करने के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि महादलित की बेटी की मौत नहीं हत्या की गई है। वह सीएसपी बैंक से चार हजार रुपये निकालने के लिए परेशान थी। रोज रोज चार दिन से चक्कर लगाने के बाद भी पैसे नहीं दिया जा रहा था। जब मृतक युवती ने थाने में जाकर एफआईआर का आवेदन दिया। सीएसपी संचालक मंनोज सिंह द्वारा लड़की को ले जाकर दुष्कर्म कर हत्या करने के बाद रेलवे ट्रैक पर साक्ष्य छुपाने के लिए फेंक दिया गया। ताकि इस हत्या को आत्महत्या या मौत का मामला लोग समझे। युवती का मौत नहीं हुई है हत्या की गई है।
सीबीआई से कराई जायेगी जांच
मांझी ने इस दौरान कहा कि मृतका शशिकला के हत्या मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। मृतका महादलित जाति की है। इस घटना में उसके परिवार को साढे सात लाख मुआवजा का प्रावधान है। कम से कम 4 लाख तत्काल मुआवजा सरकार से दिलाने की मांग की।
सुशासन की सरकार में बढ़ रही है आपराधिक घटनाएं
मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन की सरकार कही जाती है। लेकिन यहां पर प्रतिदिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है। रामगढ़ के बड़ौरा मामले जैसे सरकार के लोग संवेदनहीन है। बिहार में प्रतिदिन लूट, हत्या, बलात्कार जैसी आपराधिक घटनाएं हो रही है। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के बाद बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रकार की घटनाओं की निष्पक्ष जांच नहीं हो पाने के कारण अपराधियो का मनोबल बढ़ता जाता है। प्रशासन इस प्रकार की घटनाओ को दबाना चाहती है। ताकि सरकार की बदनामी न हो। बिहार में ऐसी
दर्जनों घटनाएं है।जिसे प्रशासन व सरकार द्वारा दबा दिया गया है। जब तक बड़ौरा मामले की भी सीबीआई से जांच नहीं होगा इसे भी दबा दिया जायेगा।
लोकसभा चुनाव में जनता देगी जवाब
पूर्व सीएम मांझी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि कैमूर में दो दो कांड, मुजफ्फरपुर कांड में 35 बच्चियों के साथ बलात्कार कर हत्या कर दी गई। गीधा कांड, रोहतास में घटना घटी। मुजफ्फरपुर कांड के बाद एससी ने कहा था कि सभी घटनाएं बिहार सरकार की जानकारी में हुआ है। फिर भी नीतीश कुमार सुशासन की सरकार कहा जा रहा है। कहां दिख रहा है सुशासन की सरकार। इसका जवाब जनता द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के गृह मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिख कर सीबीआई जांच कराते हुए न्याय दिलाने की मांग करूंगा। मौके कैमूर के हम पार्टी के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

