Exclusive : आजाद भारत के पहले जहाँ शेल्डन पार्क था वहां अब नगर परिषद बनायेगा 5 करोड़ से काम्प्लेक्स

1942 में शेल्डन पार्क होने की शिलापट्ट देता गवाही
आजाद भारत के पहले शेल्डन पार्क वाले स्थान पर आज लोग करते है टॉयलेट और रहती है गन्दगी
नगर परिषद के नगरपालिका मैदान में  होने के बाद भी नहीं गया ध्यान
 कैमूर लाइव न्यूज से बंटी जायसवाल
भभुआ कैमूर।  बिहार के कैमूर के भभुआ जिला 
मुख्यालय स्थित भभुआ शहर के नगरपालिका मैदान में आजाद भारत पहले कभी शेल्डन पार्क हुआ करता था। लेकिन आजाद भारत के बाद समय के साथ यह पार्क का विलय हो गया। लेकिन अंग्रेजो द्वारा बनाये गए इस पार्क की निशानी एक पत्थर के शिलपट्ट पर आज भी विद्यमान है।
परंतु शेल्डन पार्क का शिलापट्ट अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस तरफ किसी भी अधिकारियों का ध्यान नहीं गया। जब खास बात यह है कि शेल्डन पार्क होने की गवाही देने वाला शिलापट्ट नगर परिषद के नगर पालिका मैदान में प्रवेश द्वार के पश्चिम में ही है। इस शिलापट्ट पर 1942 अंकित है और उस पर शेल्डन पार्क भभुआ लिखा हुआ है। यह शिलापट्ट सीमेंट के पत्थर का बना हुआ है।
लोग शिलापट्ट के पास करते है टॉयलेट व गंदगी है
नगरपालिका मैदान में जहां पर शेल्डन पार्क का शिलापट्ट है जो पार्क होने की गवाही देता है। वह स्थान आज बदहाल हो गया है। उस स्थान के पास लोग टॉयलेट करते है। अस पास गंदगी फैली हुई। जब कि यह स्थान नगर परिषद के नगरपालिका मैदान है। जहां पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी व सभापति सहित कई पार्षदों का आना जाना है। लेकिन इस तरफ किसी भी अधिकारी,जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जाना बड़ा अजीब सा लगता है। लोगो का कहना है कि नगरपालिका मैदान में आजादी के पहले शेल्डन पार्क होने की बात को सुना है लेकिन देंखे नहीं है। लेकिन हां इसका प्रमाण के रूप आज भी उस शिलापट्ट के रूप मौजूद है।
फ़ोटो - जैनेंद्र आर्य उर्फ जॉनी आर्य नगर परिषद सभापति, फ़ाइल फ़ोटो 
नगर परिषद बनायेगा काम्प्लेक्स
इस संबंध में जब नगर सभापति जैनेंद्र आर्य उर्फ जॉनी आर्य से पूछे जाने पर बताया कि शेल्डन पार्क को देखा नहीं है लेकिन शिलापट्ट के आधार पर आजाद भारत के पहले 1942 में अंग्रेजो के जमाने शेल्डन पार्क होने की प्रमाण मिलता है। उस स्थान अब नगर परिषद द्वारा 5 करोड़ की लागत काम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके लिए बोर्ड द्वारा पारित कर लिया गया है। 

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top