रामगढ मृतक दलित युवती को इंसाफ के लिए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे जविपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, माता - पिता व लोग

जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में हो रहा है आमरण अनशन, 5 सूत्री मांगों को पूरा करें
आमरण अनशन पर मृतक दलित युवती के माता पिता के साथ बैठे है दर्जनों लोग 
भभुआ कैमूर(बंटी जायसवाल)।
 बिहार के कैमूर के रामगढ बड़ौरा दलित युवती शशिकला की मौत मामले में इंसाफ व न्याय के लिए आज से जिला मुख्यालय के समाहरणालय के पास आमरण अनशन शुरू हो गया है। यह आमरण अनशन 5 सूत्री मांगों को लेकर हो रहा है। यह अनशन जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में हो रहा है। इस आमरण अनशन में मृतक दलित युवती के माता पिता सहित पार्टी के नेता, कार्यकर्ता व दर्जनों लोग शामिल है। आमरण अनशन पर बैठे जविपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने मीडिया से कहा कि युवती को हत्या को आत्महत्या बताकर पुलिस प्रशासन द्वारा दबाने की कोशिश किया जा रहा है। मृतक शशिकला को इंसाफ दिलाने के लिए यह आमरण अनशन शुरू हुआ है। 
यह है आमरण अनशन की मांगे 
हमारी 5 सूत्री मांगे है। हमारी मांग है कि मृतक शशिकला हत्‍याकांड की सीबीआई से जांच, फास्‍ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई हो और उसके हत्‍यारे को अविलंब फांसी की सजा, साथ ही एसपी, डीएसपी और थानेदार का निंबलन हो, ताकि निष्‍पक्ष जांच हो, इसके अलावा प्रशासन द्वारा रामगढ़ थाना कांड के अभियुक्‍तों की गिरफ्तारी पर जांच होने तक रोक लगे। मृतक शशिकला के परिजनों को सरकार द्वारा 25 लाख रूपए का मुआवजा,श्रद्धांजलि स्‍वरूप एक मूर्ति की स्‍थापना किया जाए। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
पुलिस कर रही है परेशान
श्री कुमार ने कहा कि दलित युवती की हत्या मामले में पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बदले पीड़ित परिवार को डरा धमका कर परेशान कर रही है। लोगो में भय बनाया जा रहा है। बिना महिला पुलिस के महिला को गिरफ्तार किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है।
बोली मृतका की मां - आरोपी को दिया जाए फांसी
मृतका शशिकला की मां ने आमरण अनशन के दौरान मीडिया को रो रो कर घटना के बारे विस्तार से बताया। इसके साथ ही कहा सीएसपी संचालक मनोज सिंह ने मेरी बेटी व मुझे को गाड़ी पर बैठा कर ले गए और बीच रास्ते में मुझे उतार दिया। इसके बाद फिर मेरी बेटी को लेकर हत्या कर दिया। मेरी बेटी के हत्यारे को फाँसी की सजा मिले। यही हमारी मांग है। तभी उसके आत्मा को शांति मिलेगी।
मृतका के पिता ने कहा नहीं हुई कोई कार्रवाई
आमरण अनशन पर बैठे मृतका शशिकला के पिता ने भी मीडिया को विस्तार से घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी को शशिकला सीएसपी बैंक से 4 हजार रुपये निकालने के लिए गयी थी। लेकिन रुपये नहीं मिला तो सीएसपी संचालक मनोज सिंह से बकझक हुई। जिसके बाद बेटी ने थाने में शिकायत किया। फिर संचालक बेटी व उसकी मां को थाने लेकर माफी मांगने के साथ शिकायत को वापस करने की बात कही। इसके बाद घर लाते समय बेटी व उसकी मां को ले जाते समय मां को बीच रास्ते में उतार दिया फिर बेटी को लेकर हत्या कर दी। मैंने कोलकाता से अपनी बेटी के मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो एक लड़के ने फोन उठाया और बोला। आपकी बेटी का भभुआ रोड स्टेशन के पास एक्सीडेंट हो गया है। जिसके बाद मैंने अपने घर पर फोन कर घटना बताया तो लोग अनुमण्डलिय अस्पताल पहुँचे। जिसके बाद  फिर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। फिर मैं बाहर से वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुँचा। तो बेटी की मौत हो गयी थी। बेटी की पोस्टमार्टम के दौरान देखा गया कि बेटी के शरीर पर चाकू से वार किया गया था, उसका माथा फटा था, हाथ मुड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद रामगढ बड़ौरा अपने गांव 17 जनवरी को आ गए। इसके बाद लोगों द्वारा अपने बेटी को शव को लेकर 18 जनवरी को थाने पहुँचे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के लिए। लेकिन आज तक हमें न्याय नहीं मिला।

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