फॉलोअप : 5 घण्टे बाद बिजली मिस्त्री का पोल से उतरा शव, संवेदक ने दिया 50 हजार मुआवजा , इस तरह हुई मिस्त्री की मौत

फ़ोटो - मृतक के पिता से बात करते बिजली विभाग के अधिकारी व अन्य, इनसेट में मृतक मिस्त्री 

#बिजली विभाग के पहुँचे अधिकारी, संवेदक ने मृतक के परिवार को 1.5 लाख व 4 लाख दुर्घटना बीमा दिलाने की बात कही
# लापरवाही में मिस्त्री की हुई है मौत
भभुआ/कैमूर. बुधवार को रामपुर प्रखंड के सबार थाना के सबार गांव में मां काली स्थान पोखरे के पास बिजली विभाग द्वारा नया ट्रांसफार्मर व नये पोल से 11 हजार तार में कनेक्शन करने के लिए तार टांगने के दौरान पोल में करंट आने से काम कर रहे बिजली मिस्त्री की मौत हो गई. वही एक मिस्त्री घायल हो गया. मृतक मिस्त्री का पोल से शव 5 घण्टे बाद 9 :10 बजे परिजनों के अनुमति के बाद उतरवाया गया. पोल से मिस्त्री का शव को भभुआ से आये एक मिस्त्री पोल पर चढ़ कर रस्सी से बांध कर शव को नीचे उतारा गया. शव को नीचे उतारने के बाद घटनास्थल पर जुटे लोगो की देखने के लिए भीड़ लग गयी. परिजनों का चीख पुकार मच गया. मृतक का पिता अपने बेटे का शव देख कर रोने लग रहा था. जिसके बाद  बिजली विभाग के अधिकारी व संवेदक भी पहुँच गए थे. बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता शिवशंकर प्रसाद ने मृतक के पिता से कहा कि यह घटना दुखद है. इसकी भरपाई नहीं कि जा सकती है. विभाग के तरफ से जो भी मदद होगा उसे किया जायेगा. फिर हाल शिरडी साई एजेंसी के संवेदक पवन कुमार द्वारा 50 हजार तत्काल दिया जा रहा है. इसके बाद गुरुवार को 1 लाख रुपये और दिया जायेगा. इसके साथ ही संवेदक द्वारा मिस्त्री के लिए जो भी 4 लाख का दुर्घटना बीमा है उसे एक से दो माह में कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भी दिलाया जायेगा. वही रामपुर बीडीओ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि आपदा विभाग के तहत 4 लाख रुपये मुआवजा कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिलाया जायेगा. मौके पर बिजली विभाग के प्रोजेक्ट एसी सुनील कुमार, एसडीओ अखिलेश्वर प्रसाद, सबार मुखिया प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, संवेदक आमोद सिंह, कैमूर रालोसपा जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह, सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.  मुआवजा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबार थानाध्यक्ष कोमल तिवारी द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए 10 बजे रात भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया गया. 
फ़ोटो - लोगो से घटना की जानकारी लेते सांसद पुत्र 

#सांसद पुत्र ने ली घटना की जानकारी

घटना की सूचना की जानकारी मिलने पर सासाराम सांसद प्रत्याशी व मौजूदा सांसद छेदी पासवान के पुत्र रवि पासवान भी सबार पहुँच गये. जहां उन्होंने मृतक के परिवार व लोगो से घटना की जानकारी ली. साथ में पूर्व प्रमुख मनोज जायसवाल, सुरेश पासवान थे.
#थोड़ी सी अचूक व लापरवाही में गयी मिस्त्री की जान
आपको बता दें कि बुधवार को सबार गांव में नया तार को पोल पर 11 हजार के तार में टांगने के दौरानकरंट से मिस्त्री सट गया और धु धु कर जलने लगा मौत हो गया और पोल पर मिस्त्री का शव लटका रह गया. घटना लगभग साढ़े 4 बजे की बतायी जाती है. वही एक युवक घायल हो गया जिसका इलाज चेनारी में कराया गया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक मिस्त्री चेनारी थाना के सबराबाद गांव का राजाराम पासवान का 27 वर्षीय पुत्र विकास पासवान बताया जा रहा है. जिसका शादी 5-6 साल पहले हुआ था. उसके दो बच्चे थे. वही घायल युवक पांडेयपुर गांव के बृजकिशोर बिंद उर्फ पासा का पुत्र राजकुमार बिंद बताया जाता है. बिजली विभाग के प्रोजेक्ट द्वारा शिरडी साई एजेंसी के शिवसागर थाना के पड़री गांव के पवन कुमार नामक संवेदक द्वारा सबार गांव में नया पोल लगाने व तार टांगने व ट्रांसफार्मर लगाने का काम कराया जा रहा था.
# लापरवाही व जानकारी के अभाव में गयी जान
लोगो ने बताया कि तार टांगने वाले मिस्त्री द्वारा शट डाउन लेकर घटनास्थल से 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक ट्रांसफार्मर से दो तरफ जंफर का तार छुड़ा दिया गया. इसके बाद पावर हाउस से लाइन को चालू करा दिया गया. उनलोगों ने सोचा कि अब लाइन नहीं आयेगा. लेकिन घटनास्थल पर 11 हजार के पोल पर एक पश्चिम में पांडेयपुर के तरफ से आये तार से बिजली आती है. जिसका जंफर नहीं छुड़ाया गया था और शट डाउन को बंद रहने के बजाय चालू करा दिया गया. जिसके बाद पोल में बिजली करंट आने पर धु धु कर जलने से मौत हो गयी और उसी पर टँगा रह गया. मिस्त्री की मौत जानकारी के अभाव में बिजली चालू करा देने के कारण हुई है. 
#संवेदक द्वारा रूट लाइन चार्ट से काम कराता तो नहीं होती घटना
विभागीय सूत्रों ने बताया कि काम संवेदक को रूट लाइन चार्ट से काम कराना चाहिए. इसके लिए उसके पास रूट लाइन चार्ट होता है जिससे पता चलता है यह लाइन कहा कहा से आया है. इसके साथ ही लोगो का कहना था कि संवेदक द्वारा मिस्त्री को सुरक्षा का सामान जैसे ग्लब्स, जूता, हेलमेट आदि नहीं दिया गया था. ये सामान पहन कर काम करना चाहिए. जो सबसे बड़ी लापरवाही संवेदक की बतायी जा रही थी.

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