भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)।बक्सर लोकसभा से निर्दलीय प्रत्याशी, भभुआ के पूर्व विधायक व राजद नेता रामचंद्र यादव मतगणना से एक दिन पहले भभुआ स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दाैरान हथियार लहरा कर ईवीएम मामले में भड़काऊ बयान देकर सुर्खियों व चर्चा में आ गए थे. जिसके बाद कैमूर डीएम व एसपी ने संज्ञान लेते हुए भभुआ एसडीएम व एसडीपीओ से छापेमारी करायी जिसमें पूर्व विधायक घर से फरार हो गए. लोकतंत्र के लिए बड़ी बड़ी डींगे हाँकने वाले पूर्व विधायक व बक्सर निर्दलीय प्रत्याशी रामचंद्र यादव को गुरुवार को
बक्सर लोकसभा की मतगणना में 9045 वोट मिले हैं. जो नोटा से 4599 कम है. 5 साल भभुआ विधायक रहने वाले रामचंद्र यादव को नोटा से कम वोट मिला है. इससे ही स्पष्ट होता है मतदाता कितने पसन्द करते है. चुनाव परिणाम के बाद चौक चौराहे पर इसकी चर्चा होती रही. लोगों का कहना था कि लोकतंत्र व संविधान को बचाने हथियार उठाना कहा का उचित है. ऐसे नेताओं पर कैसे विश्वास किया जायेगा. आज कुछ कहे और कल कुछ और कर दें. बक्सर में नेताओं से नाराज 13644 मतदाताओ ने नोटा बटन दबाया है. यही नहीं बक्सर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले 15 प्रत्याशियों में 12 प्रत्याशी नोटा से भी हार गए है. मतगणना के बाद सबसे अधिक चर्चा तो चुनावी जीत हार की हो रही थी लेकिन बक्सर में नोटा को मिले वोट की भी चर्चा जीते हारे हुए प्रत्याशियों से कम नहीं थी. आपको बता दें कि बक्सर लोकसभा से 15 प्रत्याशियो ने भाग्य आजमाया था. जिसमें भाजपा प्रत्याशी अश्विनी कुमार चौबे को 397025 मत प्राप्त हुए तो दूसरी तरफ राजद के जगदानंद सिंह को 295351, बसपा उम्मीदवार को 67393 सबसे अधिक मत मिले है. वही निर्दलीय अनिल कुमार को 8293, अनिल राय को 1648, उदय नारायण राय को 1739, धनजीत को 3517, रविराज को 1514, विक्रांत को 1314, संतोष यादव को 1892, अरविंद पांडेय को 1967, जय प्रकाश राय को 1838, रंजीत सिंह को 3298, राकेश राय को 5657 और रामचंद्र यादव को 9045 वोट मिले हैं. इस चुनाव परिणाम में 12 प्रत्याशी नोटा से भी हार गए. जबकि 13644 लोगों ने नोटा पसंद किया है.

