Exclusive : कैमूर अभियान ASP का बॉडीगार्ड मनीष आनन्द सामाजिक कार्यो के लिए राजस्थान गौरव रत्न सम्मान के लिए हुए चयनित

#कैमूर अभियान ASP के है सुरक्षा गार्ड
#कैमूर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अधौरा के एक गरीब के बेटी को मनीष ने लिया है गोद
#गरीब व असहायों की सेवा व सामाजिक कार्यो की बदौलत बनाई है अलग पहचान 
#कैमूर जिले के साथ कई राज्यों में सामाजिक कार्यो को देखते हुए मिल चुका है कई अवार्ड 
भभुआ कैमूर(बंटी जायसवाल). ईश्वर नेे दिल हर 
 इंसान को दिया है. लेकिन हर किसी इंसान के दिल में इंसानियत, गरीब व असहाय की मदद करने की जज्बा,जुनून व दिल नहीं होता है. लोग रुपये तो कमाते है लेकिन गरीबों को उसकी स्थिति देखते हुए भी तरस नहीं खाते और न ही मदद करते है. बहुत कम लोग होते है जो गरीब व असहाय लोगो की मदद करते है. इसी में एक है बिहार के कैमूर में एएसपी अभियान के बॉडीगार्ड ,कैट कमांडो मनीष आनन्द. जो अपनी सामाजिक कार्यो, गरीबों व असहायों की मदद करने की बदौलत इंसानियत का फरिश्ता व गरीबो का मसीहा के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. वह अपनी पुलिस ड्यूटी के साथ गरीबो की मदद करता है. कमांडो मनीष आनन्द को उनकी सामाजिक कार्यो को देखते हुए राजस्थान गौरव रत्न सम्मान के लिए एसरंधावा प्रोडक्शन द्वारा चयनित किया गया है. कमाण्डो मनीष ने कैमूर लाइव न्यूज से खास बातचीत में बताया कि उन्हें इस अवार्ड के लिए दो तीन पहले चयनित किया गया है और और यह सम्मान इस माह के अंत में राजस्थान के जयपुर में होने वाले राजस्थान गौरव रत्न सम्मान समारोह में मिलेगा.इस सम्मान के लिए चयनित होने पर कैमूर पुलिस के जवानों में खुशी है. जो हमारे बीच का साथी अपने नेक कार्यो के लिए सम्मान पा रहा है. इससे कैमूर पुलिस भी गौरवान्वित हो रही है. कमांडो मनीष ने बताया कि ड्यूटी के बाद ऐसे मदद वाले कार्यो को करने में काफी सुकून व खुशी मिलता है. मैं लोगो से कहना चाहूंगा कि आपके पास जितना भी सामर्थ्य है उसी अनुसार लोगो की मदद कर सकते है. चाहे वह मदद धन राशि या आपके शरीर से ही क्यों न हो.
भागलपुर के छोटे से गांव के रहने वाले है कमांडो मनीष 
जवान मनीष ने बताया कि वह भागलपुर जिले के नाथनगर थाना के भीमकिता नामक गांव के रहने वाले है. उनके पिता का नाम सुबोध यादव है, जो कपड़े का कारोबार करते थे. लेकिन वर्ष 2003-04  में उनके पिता का तबियत बहुत खराब हो गया था. जिसमें सारा रुपये खर्च हो गया. दो भाई और एक बहन है. जिसमें मैं सबसे छोटा हूं. गरीबी में पला बढा हूं. गरीबी को नजदीक से देखा हूं. इसलिए गरीबों व असहायों की मदद करना अपने आपको शौभाग्य समझता हूं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में मेरा बिहार पुलिस में सिपाही के रूप में चयन हुआ था.
मनीष 12 वर्षो कर रहे है सामाजिक कार्य 
जवान मनीष ने बताया कि वह पिछले 12-13 साल से सामाजिक कार्य में लगे हुए है. इस कार्य को करने से खुशी मिलती है. मैं व हमारी टीम के सदस्य संपन्न परिवार के घरों में जाकर पुराने कपड़े लेते है और पुराने किताबों को लेते है. उसी पुराने कपड़े को धुलाई कराकर गरीब व असहाय लोगो के बीच व उनके बच्चों के बीच वितरण किया जाता है. इसके साथ ही जाड़े के दिनों में ठंड में खुले आसमान के नीचे ठिठुरते हुए रात बिताने वाले गरीब व असहाय लोगो के बीच कंबल वितरण किया जाता है. हमलोगों का स्केफ चैरिटी नामक एक संस्था भी है.
मां के गुजरने के बाद 3 माह की आदिवासी बच्ची को लिया है गोद 
जवान मनीष आनन्द एक फरिश्ते से कम नहीं है. वह डेढ़ दो साल पहले कैमूर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अधौरा प्रखंड के आथन पंचायत के दुग्धा दलित बस्ती के नयका टोला के गोरखनाथ उरांव की 3 माह की बच्ची को गोद लिया है. बच्ची को जन्म देने के 3 दिन बाद ही संसार छोड़ कर चल बसी. उसी गांव के एक व्यक्ति द्वारा एक दिन कमांडो मनीष को फोन कर उस बच्ची व उसके पिता के आर्थिक स्थिति के बारे में बताया तो वह तुरंत ड्यूटी के बाद समय निकाल उस गांव में पहुँच गये. जहां वह उस 3 माह की बच्ची को गोद लिया और कहा कि इस बच्ची की पढ़ाई लिखाई व शादी विवाह का खर्च उठाएंगे. इसके साथ बच्ची की शादी के लिए हर वर्ष 1हजार रुपये उसकी बड़ी माँ के खाते में डाल देंगे. यही नहीं मनीष ने अपना जन्मदिन उसी गांव में जाकर मनाया था. अपने जन्मदिन पर आदिवासियों महिलाओं के बीच साड़ियां, बच्चो के बीच किताब कॉपी, बैग व कलम का वितरण किया था. इन सब कार्यो को देख कर आदिवासी लोगो व गरीबों के बीच मसीहा बन गए. यही नहीं कई सारे सामाजिक कार्य व मदद करते रहते है. बस उन्हें मालूम होना चाहिए. किसी को क्या परेशानी है. इस कार्य में उनके दोस्त भी सहयोग करते है.
सामाजिक कार्यो के लिए मनीष को मिल चुका है यह सम्मान 
1.इंडिया प्राइड अवार्ड 2019, जयपुर (राजस्थान)25 मई 
2. इंडिया राइजिंग स्टार अवार्ड 2019, IERCT द्वारा कई देशों के 111 लोगो के बीच चयनित, दिल्ली में
3. बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन, कैमूर से सम्मानित
4. पूर्व कैमूर एसपी श्रीमती हरप्रीत कौर द्वारा सम्मानित 
5. पूर्व कैमूर डीएम राजेश्वर प्रसाद द्वारा सम्मानित
6. चिल्ड्रेन एकेडमी केयर जोन स्कूल , भभुआ के प्रिंसिपल के द्वारा सम्मानित
7. संत लाँरेज स्कूल, भभुआ से सम्मानित
8. एक शाम,  कैमूर पुलिस के नाम में पूर्व कैमूर एसपी मो० फरोगउदीन द्वारा सम्मानित
9. राजस्थान गौरव रत्न सम्मान समारोह 2019  , (राजस्थान) में चयनित

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