- दुर्गावती जलाशय परियोजना के अधिकारी को अभी और बारिश होने का इंतजार
- दुर्गावती जलाशय से निकली नहर की वितरणियों में अभी तक नहीं छोड़ा गया पानी, कैसे होगी रोपनी
भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल): कैमूर व रोहतास जिले के सीमा पर दुर्गावती नदी पर दुर्गावती जलाशय परियोजना का निर्माण हुआ है. इस योजना का उद्देश्य कैमूर व रोहतास जिले के हजारों हेक्टेयर भूमि का सिंचाई करना है. लेकिन दुर्गावती जलाशय के जल संग्रहण क्षेत्र में अभी पानी की कमी है. इस बार गर्मी के महीने में इतना धूप व लू चली की दुर्गावती जलाशय का जल संग्रहण क्षेत्र सूख गया था. दुर्गावती डैम में पानी कमी होने के कारण दुर्गावती जलाशय परियोजना के कैमूर व रोहतास के तरफ निकली कैनाल के नहर वितरणियों में पानी किसानों के सिंचाई के लिए नहीं छोड़ा जा रहा है.
इस नहर के वितरणियों में पानी नहीं मिल पाने के कारण किसानो को धान की बिचड़ा डालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. वही अब किसानों को धान के सूख रहे बिचड़ा को बचाने व धान की रोपनी कराने में परेशानी सामने आ खड़ी हुई है. वही यह सोच सोच कर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर दिखने लगी है. किसानो को अभी तक जलाशय से पानी नहीं मिल पाया है.
किसानों ने कहा जलाशय से नहीं मिला पानी
दुर्गावती जलाशय से निकली नहर व वितरणियों के सूखने से सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिन्होंने रोहिणी नक्षत्र में बीज डाल दिया है और पौधे बड़े होने लगे हैं. लेकिन बारिश व सिंचाई के अभाव में सूख रहे है. ऐसी रामपुर प्रखंड के भीतरीबांध, लेवाबांध, बरांव, पुनाव, आदि गांव व भगवानपुर प्रखंड के गांव में हो रही है. भीतरीबांध के किसान पुष्पेंद्र सिंह, बरांव के सुरेंद्र प्रजापति आदि बताते हैं कि उनके गांव के बधार में कहीं कुआं नहीं है. डीजल पंपसेट लगाने के लिए बोरिंग की भी सुविधा नहीं है. ऐसी स्थिति में गांव के किसान पूर्ण रूप से नहर के पानी व बारिश पर निर्भर हैं. अब थोड़ा बहुत मानसून का असर दिख रहा है और हल्का बारिश हो रहा है. कैमूर जिले में लगभग एक सप्ताह से मानसून दिखने के बाद भी जलाशय से पानी नहीं मिला है. जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अभी डैम में 118.5 मीटर है पानी
अभी डैम में 118.5 मीटर है पानी
दुर्गावती जलाशय के जल संग्रहण क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण पानी कम है. जिससे नहर में भी नहीं छोड़ा गया. दुर्गावती जलाशय परियोजना के एसी सुनील कुमार ने बताया कि समय से बारिश नहीं होने के कारण दुर्गावती जलाशय में जितना पानी होना चाहिए. उससे 5 मीटर कम पानी है. बारिश होने के बाद 118.5 मीटर फिरहाल पानी है. हालांकि अब जलाशय के नहर वितरणियों में पानी को छोड़ा जा सकता है. कल यानी शुक्रवार को जलाशय से बाएं तट के कैनाल में 50 क्यूसेक पानी नहर के वितरणियों में छोड़ा जायेगा. दुर्गावती जलाशय में 223 मीटर पानी होना चाहिए. तब जाकर भरपूर मात्रा में 200 क्यूसेक तक पानी छोड़ा जा सकता है. यह भी बताया कि जलाशय से पानी छोड़ने के लिए किसानो द्वारा नहीं कहा गया. लेकिन अब बारिश होने से दुर्गावती जलाशय में पानी का जलस्तर बढ़ा है. जलाशय से पानी छोड़ने के पहले कर्मियों से नहरों के वितरणी की जांच करायी जा रही है. ताकि पानी को छोड़ा जा सके.


