अलविदा कह गए भोजपुरी म्यूजिक डायरेक्टर प्रोड्यूसर इम्तियाज अख्तर कैमुरी, कैंसर से लड़ रहे थे जंग,भोजपुरी जगत में शोक की लहर

फ़ाइल फ़ोटो - इम्तियाज अख्तर कैमुरी
 भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। भोजपुरी जगत के होनहार मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर व प्रोड्यूसर इम्तियाज अख्तर कैमूरी बाबू अपने घर पर मंगलवार की रात 10 बजे अंतिम सांस ली. वह 40 वर्ष के थे. वह लंबे दिनों से कैंसर से जूझ रहे थे. उनका इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में हो रहा था. उनके निधन से भोजपुरी जगत में शोक की लहर है. 
फ़ोटो - फेसबुक

भोजपुरी म्यूजिक डायरेक्टर,प्रोड्यूसर इम्तियाज अख्तर कैमूरी मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड के अमाव गांव के थे. इनके निधन से गांव में शोक है. ग्रामीणों का कहना है कि इम्तियाज अख्तर को लोग प्यार से कैमुरी बाबू बुलाते थे. वह भोजपुरी जगत में अपने गीत संगीत से मुकाम हासिल किया. उन्हें बचपन से ही संगीत से प्रति प्रेम था. इसी को अपना कैरियर भी बनाया. लेकिन ईश्वर ने भाग्य में क्या लिखा था कि वे ज्यादा दिनों तक हमारे बीच नहीं रहे. उन्हें कैंसर की बीमारी ने जकड़ लिया और आखिर में मंगलवार की रात दुनिया को अलविदा कह गए. बुधवार को अपने गांव पर सुपुर्द ए खाक (मिट्टी दिया)हो गये. 
छोड़ गए भरा पूरा परिवार 
फ़ोटो - अपनी पत्नी के साथ कैमुरी - फोटो सौजन्य से फेसबुक

म्यूजिक डायरेक्टर व प्रोड्यूसर इम्तियाज अख्तर कैमुरी अपने पीछे दो बेटे, दो बेटी,पत्नी सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए. एक बड़ी बेटी का शादी हो गया है और एक बेटी व दो बेटे पढ़ाई कर रहे है. घर पर ही रहते है. उनकी पत्नी रिजवाना खातून अपने गांव के ही उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षिका है. 
व्हील चेयर पर बैठ गए, सुन्न हो गया था अंग
उनकी पत्नी ने बताया कि वर्ष 2011 में मकान बन रहा था. उसी समय छत से गिर गए थे. जिसमें उन्हें गम्भीर चोट लग गयी थी और रीढ़ की टूट गयी थी. जिसका पटना से लेकर दिल्ली तक इलाज कराया गया. जिसके बाद कुछ ठीक हुए. फिर भी वे खड़े नहीं हो सकते थे. वे व्हील चेयर पर बैठे रहते थे. कमर से निचे जान नहीं था यानी सुन्न हो गया था. अंग काम नहीं कर रहा था. फिर भी वे परिवार व बच्चों के साथ काफी खुश रहे थे.
फ़ोटो - इलाज के दौरान कैमुरी व्हील चेयर पर बैठे और उनकी पत्नी जमीन पर बैठी हुई
 फ़ोटो सोर्स - फेसबुक
दिसम्बर 2018 में हो गया था माउथ कैंसर,जूझ रहे थे बीमारी से 
अचानक क्या हुआ कि उन्हें पिछले वर्ष दिसंबर माह में उनके मुंह में कुछ गया. जब इसका जांच सिटी स्कैन कराया गया तो पता चला कि माउथ कैंसर हो गया है. जिसके बाद कोलकाता में इलाज चल रहा था. इलाज कराने के बाद कोलकाता से घर लाया गया था. लेकिन वे मंगलवार की रात 10 बजे हमलोगों को छोड़ कर चले गए. उन्होंने बताया कि भोजपुरी गीत संगीत की दुनिया में बहुत शौक था. वे हमेशा गीत संगीत में रहते थे. शादी के पहले से ही संगीत में थे. वे गीत लिखते थे और म्यूजिक डायरेक्टर व प्रोड्यूसर भी थे. लेकिन ईश्वर हमलोगो के नसीब में इतना ही दिन के लिए शायद भेजा था.
फ़ोटो - फेसबुक 
22 साल से संगीत की दुनिया में थे सक्रिय 
भोजपुरी गायक राकेश तिवारी ने बताया कि इम्तियाज अख्तर कैमुरी जी 20-22 साल से भोजपुरी संगीत की दुनिया में सक्रिय थे. उनका लिखा हुआ 300 से ज्यादा एलबम रिलीज हुआ. वे 2 हजार से ज्यादा गीत लिख चुके है. वे नए गायक कलाकार व प्रसिद्ध कलाकारों को अपना गीत दिया है. 5 साल पहले उन्होंने ने अपना एबी म्यूजिक कम्पनी भी चालू किया था. जिससे दर्जनों नए कलाकारों को अपना गीत देने के साथ अपने म्यूजिक प्रोडक्शन कम्पनी से एलबम को रिलीज करते थे. वे म्यूजिक डायरेक्टर व प्रोड्यूसर का काम करते थे. 
भोजपुरी जगत को अपूरणीय क्षति हुई 
गायक राकेश तिवारी ने कैमुरी बाबू के साथ बिताए दिन व याद के बारे में बताया कि एक बार स्टूडियो में नया कलाकार आया कैमुरी जी से बोला कि मैं एलबम में गाना चाहता हूँ मेरे पास कम है उस दौरान उस कलाकार से गाना गवा कर उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया और उसका एलबम भी रिलीज करायी थी. वे बहुत नेक दिल इंसान थे हमेशा मदद करते थे. उनके निधन से भोजपुरी जगत में अपूर्णीय क्षति हुई है. जिसका भरपाई नहीं किया जा सकता है.

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