फ़ोटो -घटना के बाद मृतक बच्ची व रोती बिलखती मां
भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। कैमूर सेे बड़ी खबर आ रही है. जहां मकान में लगे लोहे की दरवाजे में बिजली करंट आने से 10 वर्षीय बच्ची की सट कर मौत हो गयी. घटना बेलांव थाना क्षेत्र के बेलांव गांव की है. घटना आज सुबह साढ़े 7 बजे की बताई जाती है. मिली जानकारी के अनुसार, मृतक 10 वर्षीय बच्ची हिमानी प्रिया, बेलांव गांव के लक्ष्मण प्रसाद की पुत्री बतायी जाती है.बताया जाता है कि ट्रांसफार्मर से पोल के माध्यम से मकान के ऊपर से बिजली विभाग द्वारा बिजली कॉलोनी में ले जाया गया है.
बारिश के बाद मकान में नंगा तार सटने से करंट फैली मकान में
फ़ोटो - घटनास्थल पर पहुँची पुलिस व लोगो की भीड़
रात व दिन में हुई बारिश के कारण नया पक्का मकान भींग गया था. जब सुबह में बिजली आयी तो बिजली का नँगा तार मकान में सट जाने के कारण बिजली करंट की धारा प्रवाहित हो गयी. बिजली करंट की धारा पूरे मकान में फैल गयी और लोहे के दवाज़े में भी करंट आ गया. घटना के समय बच्ची घर में थी और उसकी मां आंगन में स्नान कर रही थी. जब बच्ची ने दरवाजा खोलना चाहा तो वह लोहे के दरवाजे में आयी बिजली करण्ट की चपेट में आ गयी और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. जब बच्ची बिजली की चपेट में आकर बेहोश होकर नीचे गिरी और धड़ाम से आवाज आया तो बच्ची की माँ दौड़े हुए घर की ओर भागी. देखा कि बच्ची नीचे गिरी है जिसके बाद वह रोने व शोर गुल करने लगी.
फ़ोटो - पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता शव
पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल
शोर गुल और हो हल्ला सुन कर लोग पहुँचे. इसके बाद पहुंचे लोगो ने पुलिस को घटना की सूचना दी और बिजली विभाग के मिस्त्री को फोन कर बिजली कटवाई. घटना की सूचना पर बेलांव पुलिस पहुँची और घटना की जानकारी लेते हुए बिजली कटवा कर बच्ची को लोहे के दरवाज़े से हटाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया.
बिजली विभाग की लापरवाही से बच्ची की मौत
लोगों द्वारा बिजली विभाग पर घोर लापरवाही आरोप लगाते हुए बच्ची की मौत का जिम्मेदार ठहराया. इसके साथ ही कहा कि अगर बिजली विभाग द्वारा मकान के ऊपर से बिजली का नँगा तार को नहीं ले जाया गया होता तो आज बच्ची की मौत नहीं होती. बिजली करण्ट की चपेट में आने से बच्ची की हुई मौत के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया.
बिजलिया वाला के चलते हमरा बच्चियां के गईल जान...
वही परिजनों का इस घटना के बाद से रो रोकर बुरा हाल हो गया है. मृतक बच्ची की मां किरन देवी रोते हुए कह रही थी घरवा में अकेले तोरा के छोड़ले ना रहती रे बच्चियां... जिसके बाद वह बेहोश हो जा रही थी. वही मृतक बच्ची की मां रोते हुए कह रही थी कि आज हमरा घरवा के ऊपर से बिजलिया वाला लाइन ना ले गईल रहतसन त हमरा बचियाँ के जान ना जाइत ऐ मईया... इसके बाद वह दहाड़ मार कर रोते हुए बेहोश हो जा रही थी. इसके बाद ग्रामीण महिलाओं ने मृतक बच्ची को शांत करा रही थी.
मृतका तीन बहनो में थी बड़ी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतका बच्ची तीन बहने थी. मृतका अपने दो बहनों में बड़ी थी. मृतक बच्ची की दूसरी छोटी बच्ची का नाम शिवानी प्रिया साल और तीसरी छोटी बहन एक साल की थी.
घटना के बाद बिजली विभाग ने हटाई तार
बिजली की लापरवाही से हुई बच्ची की मौत के बाद बिजली विभाग के कर्मियों द्वारा घटना के बाद आननफानन में तार को हटाया गया. मृतक बच्ची माँ किरन देवी का कहना था कि गर्मी के दिनों में एक साल से बिजली विभाग को तार हटाने के लिए गुहार लगा रही हूँ.यह मेरे व मेरे बच्चियों के साथ पहला घटना नही है. तीन चार बार हमलोग ऐसे घटना से बचे है . गर्मी में दो माह पहले ऐसा घटना मेरे साथ भी हो सकती थी. उस समय आग लगने की संभावना हो गयी थी. जिसके बाद किसी तरह जान बचायी थी। इसको इस समस्या को लेकर मैं अपने परिवार के साथ बिजली विभाग के मिस्त्री से भी कहा गया था लेकिन फिर भी उस तार को नहीं हटाया गया. आज इसी तार ने मेरी बेटी की जान ले ली और जब मैं अपनी बेटी को बचाने के लिए गयी तो मैं भी करंट की चपेट में आने से बच गयी. नहीं तो मेरी भी करंट की चपेट में आने से मौत हो जाती. मेरी बेटी की मौत के बाद आनन फानन में बिजली विभाग के मिस्त्री द्वारा उस नँगे तार को हटाया गया.
बोले थानाध्यक्ष
इस संबंध में थानाध्यक्ष रितेश कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल घटनास्थल पर पहुँच कर जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि
बच्ची की मौत घर में लगे तार टूटने से मकान में लगे लोहे की दरवाजे में बिजली की करंट प्रवाहित हो गयी. जिसमें बच्ची चिपक गयी और उसकी मौत हो गयी है. बच्ची के
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ के लिए भेज दिया गया।
परिजनों द्वारा आवेदन दिया गया है जिसमें बिजली विभाग या किसी पर आरोप पर नहीं लगाया गया है. यूडी केस किया जा रहा है.पोस्टमार्टम होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जायेगा.
#बोले जेई
इस संबंध में रामपुर जेई कमलेश कुमार ने बताया कि नंगे तार से घर में लाइन आने से बच्ची की मौत नहीं हुई है. शॉर्ट सर्किट से बच्ची की मौत हुई है. वही मुआवजे के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि अगर विभाग का जो मुआवजे संबन्धी प्रावधान होगा तो वह आवेदन मिलने पर जाँच के बाद दिया जायेगा.



