DM ने बच्चे को रोटा वायरस की खुराक पिला कर टीकाकरण की शुरुआत, बच्चों के लिए रोटा वायरस होता है जानलेवा

#अब 11 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित होंगे बच्चें
#14 सप्ताह तक के बच्चों को मिलेगी रोटा वायरस की खुराक
भभुआ( बंटी जायसवाल)/दुर्गावती(मुबारक अली)/कैमूर। आज बुधवार को भभुआ प्रखंड के सिवो गांव के आगनबाड़ी केंद्र 1 पर रोटा वायरस वैक्सीन का तीन बच्चों को रोटा वायरस टीके की खुराक पीला कर डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने कार्यक्रम की शुरुआत की. डीएम ने कहा कि बच्चों को रोटा वायरस से होने वाली जानलेवा दस्त से बचाव हेतु राज्य सरकार द्वारा शुरू हुये मुहिम में जिला भी सक्रिय भूमिका निभा रही है. रोटा वायरस दस्त के कारण गम्भीर अवस्था में बच्चों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है. यह कभी-कभी जानलेवा भी हो जाता है. इस टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में आज से शामिल किए जाने से रोटा वायरस के कारण होने वाली गम्भीर दस्त से बच्चे सुरक्षित हो सकेंगे.
11 जानलेवा बीमारियों में मिलेगी सुरक्षा
 जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी आर के चौधरी ने बताया की इस टीके की शुरुआत होने से अब जिला में कुल 11 प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बच्चों को सुरक्षा प्राप्त होगी.11  प्रकार के रोगों में  टीवी,  पोलियो,  हेपेटाईटिस ‘बी’, गलघोटू, काली खाँसी, टेटनस,  हिमोफिलस इन्फ्लूऐंजा, निमोनिया, खसरा, रूबैला, जापानी इन्सेफलायटिस एवं रोटा वायरस( डायरिया) शामिल है. उन्होने यह भी बताया की जिले  भर में रोटा वायरस को नियमित टीकाकरण में शामिल किये जाने हेतु सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गयी है. इसके लिए जिला एवं प्रखण्ड स्तर तक चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम, आशा , आंगनबाड़ी एवं अन्य सहयोगी कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. जिले  के सभी  शीत श्रृंखला भंडार गृहों पर वैक्सिन की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है.
रोटा वायरस वैक्सीन की 5 बूंद डायरिया से करेगा सफाया
 रोटा वायरस वैक्सिन की 5 बूंदे बच्चों को 6, 10 एवं 14 सप्ताह पर पेन्टावैलेंट के साथ पिलाई जाएगी.  इस वैक्सीन की शुरुआत के साथ अब बिहार देश का 12 वाँ राज्य हो जायेगा जहाँ के बच्चे रोटा वायरस से पूर्ण प्रतिरक्षित होंगे. रोटा वायरस वैक्सिन बच्चों को रोटा वायरस दस्त से बचाने के साथ-साथ कुपोषण दर में भी कमी लाता है. यह वैक्सिन अभी तक भारत के 11  राज्यों में 4.14 करोड़ खुराक बच्चों को पिलाई जा चुकी है और यह वैक्सिन पूर्णतः सुरक्षित है. बिहार में रोटा वायरस वैक्सिन की मदद से हर साल डायरिया से 33 लाख नवजात शिशुओं का बचाव किया जा सकेगा.
98 देशो में दिया जा रहा रोटा वायरस वैक्सीन
विश्व भर में अभी तक 98 देशों में रोटा वायरस वैक्सिन दिया जा रहा है एवं जिन देशों में रोटा वायरस वैक्सिन दी जा रही है वहाँ रोटा वायरस के कारण अस्पताल में भर्ती और मृत्यु के दर में कमी दर्ज की गयी है.  कार्यक्रम के दौरान जिला प्रभारी सिविल सर्जन अनिल कुमार ,प्रभारी जिला स्वास्थ्य प्रबंधक धनंजय शर्मा ,जिला स्तरीय सभी नोडेल पदाधिकारी, सीडीपीओ शशि कुमारी, यूनिसेफ अधिकारी ,केयर इंडिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन,प्रखण्ड समूहिक उत्प्रेरक  एवं तथा स्वास्थ्य कर्मी आदि लोग उपस्थित थे.

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