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News Desk : भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात को निधन हो गया. 67 साल की उम्र में दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान आखिरी सांस ली. उन्हें आज अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं. भाजपा नेता नितिन गडकरी और हर्षवर्धन एम्स पहुँचे. एम्स की तरफ से कुछ देर में बयान जारी किया जाएगा. आज पूर्व विदेश मंत्री ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 पर अपना आखिरी ट्वीट किया और कहा कि प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनंदन, मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. अप्रैल 1990 में वह राज्यसभा सदस्य बनीं. 1996 में चुनाव जीतकर वह वाजपेयी सरकार में सूचना-प्रसारण मंत्री बनीं. वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रही.
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था. सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति का एक बहुत बड़ा चेहरा हैं. सुषमा स्वराज साल 2009 में भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं, इस नाते वे भारत की पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं. इसके पहले भी वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी हैं और दिल्ली की मुख्यमन्त्री भी रही हैं.
अम्बाला छावनी में जन्मीं सुषमा स्वराज ने एस॰डी॰ कॉलेज अम्बाला छावनी से बी॰ए॰ और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. आपातकाल का पुरजोर विरोध करने के बाद वे सक्रिय राजनीति से जुड़ गयीं. वर्ष 2014 में वो भारत की पहली महिला विदेश मंत्री बनीं. बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अब नहीं रहीं.




