भभुआ/कैमूर। बिहार के कैमूर में रेलवे के माल गोदाम में ग्रुप D में नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों को झांसा देने वाला गैंग का कैमूर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. कैमूर पुलिस ने रेलवे ग्रुप D में नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों की मेडिकल टेस्ट से पहले ही कैमूर पुलिस ने गैंग के एक महिला सहित 12 सदस्यों को दुर्गावती थाना क्षेत्र के दुर्गावती स्टेशन के पास से गुप्त सूचना के आधार पर धर दबोचा है. इनके पास से छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई कागज़ात, मोहर, फर्जी प्रेस आईडी कार्ड, लग्ज़री गाड़ी बरामद किया है. इसकी जानकारी कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने मोहनियां थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर दी.
फर्जी कागजात, लग्जरी गाड़ी सहित 12 गैंग के सदस्य गिरफ्तार
कैमूर एसपी ने बताया कि दुर्गावती रेलवे स्टेशन के माल गोदाम के पास अचानक सैकड़ों छात्रों की भीड़ देखकर किसी ने इसकी सूचना दी.इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए डीआईओ और मोहनिया डीएसपी के नेतृत्व में छापामारी दल भेजा गया. जब वहां पहुंचकर पुलिस ने जांच किया तो रेलवे माल गोदाम में ग्रुप डी का नौकरी दिलाने के नाम पर यूपी के गोरखपुर के सैकड़ों छात्र-छात्राएं का मेडिकल टेस्ट कराने के लिए बुलाया गया था. लेकिन इस विभाग के संबंधित इन लोगों के पास कोई ओरिजिनल कागजात नहीं था. जहां पुलिस ने नौकरी दिलाने वाले गैंग के सदस्य के एक महिला सहित कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
छात्रों का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद पैसे लेने की थी तैयारी
उनके पास से छापेमारी कर रुपया, दो लग्जरी गाड़ी, फर्जी आई कार्ड, रेलवे का फर्जी मुहर, और फर्जी बहाली का दस्तावेज सहित दर्जनों आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किया गया. पुलिस की जांच में पता चला यूपी के सैकड़ों छात्रों को छह लाख रुपये में रेलवे ग्रुप डी के माल गोदाम श्रमिक में नौकरी दिलाने के लिए झांसा देकर डेढ़ लाख रुपया एडवांस के रूप में ले लिया गया था.जिसके बाद आज उनका मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद साढे चार लाख रुपया कल बैंक खुलने पर खाते में डलवाया जाना था. लेकिन इसके बाद ही कैमूर पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया. इस गैंग के सदस्यों का जाल बिहार सहित पूरे देश में फैला हुआ है.
गिरफ्तार गैंग के सदस्यों को पूछताछ के बाद भेजा जा रहा है जेल
कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया मेडिकल टेस्ट के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए गैंग के इन सभी को जेल भेजा जा रहा है और यह लोग का तार कहां-कहां फैला है और इसका मुख्य सरगना कौन है सबका पूछताछ किया जा रहा है. यह भी बताया कि जिन छात्रों का पैसा देकर नौकरी देने के नाम पर मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था उनमें ज्यादातर यूपी के गोरखपुर और कुछ बिहार के मधुबनी जिले के है.फिलहाल सैकड़ों छात्रों के गैंग द्वारा डेढ़ डेढ़ लाख रुपया लेने के बाद दिए जाने वाले साढ़े 4 लाख रुपये बच गया. राशि लेने से पहले इन लोगों को दबोच लिया गया. इन लोगों द्वारा रेलवे का फर्जी वेबसाइट बनाकर लड़कों को दिखा कर पैसा वसूली किया जाता है.
फर्जी बेवसाइट के चक्कर में नहीं पड़े,सही जानकारी के साथ भरे फार्म
कैमूर एसपी ने बताया कि नौकरी के नाम पर झांसा देकर पैसा लेकर नौकरी दिलाने वालों से युवाओं को सतर्क रहने की बात कही.उन्होंने कहा कि कही भी किसी भी क्षेत्र के नौकरी के फार्म भरे तो उसके कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर ले. फर्जी बेवसाइट के चक्कर मे नहीं पड़े. नहीं तो आप ठगी के शिकार हो सकते है.




