भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल) . कैमूर में रविवार की शाम रौशनी का पर्व काफी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय के शहर से लेकर गांव तक रविवार की शाम दीपावली पर मिट्टी के बने हुए दीये में घी के दीपक जलाये गए।
सबके चेहरे पर खुशियां दिख रही थी। दीपावली की शाम दीप जलाकर व भगवान गणेश - मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजन अर्चना की गई। लोगो ने दीपावली के शाम घर के साथ मंदिरों में जाकर घी का दीया जलाया. जिले के कई गाँवो में देश के शहीदों के नाम का एक दीया जला कर लोगो ने शहीदों को श्रद्धांजलि दिया.
भभुआ शहर में चाइनीज वस्तुओं की डिमांड बहुत कम रही. लोग अपनी धरती के मिट्टी के बने दीये को जला कर दीपो का पर्व दीपावली का त्यौहार मनाया. दीपावली के रविवार रात घरों में लोग गणेश लक्ष्मी का पूजन कर पधार कर स्वागत किया. लोगो ने सुख समृद्धि की कामना की. व्यवसायी बंधु व लोग अपने दुकानों ,घरों को फूलों की माला व रंग बिरंगी झालर की लड़ियों से सजाया हुआ था.
सभी जगह प्रकाश की रौशनी रौशनी ही नजर आ रही थी. लोगों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी. बच्चो ने पटाखों के साथ फुलझड़ियों को जला कर मस्ती किया. रात में दीपावली की विशेष पूजा की गई.दीपावली की रात में आसमान और धरती रंगीन बने रहे. खासकर बच्चों में पटाखों को लेकर विशेष क्रेज था.शहर से लेकर गांवों में मकान दुल्हन की तरह सजे थे. मकानों पर पड़ी रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक्स लड़ियां आकर्षण का केन्द्र बनी थी. शाम होते ही आसमान में आतिशबाजी से रंगीन हो गया.
सबके चेहरे पर खुशियां दिख रही थी। दीपावली की शाम दीप जलाकर व भगवान गणेश - मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजन अर्चना की गई। लोगो ने दीपावली के शाम घर के साथ मंदिरों में जाकर घी का दीया जलाया. जिले के कई गाँवो में देश के शहीदों के नाम का एक दीया जला कर लोगो ने शहीदों को श्रद्धांजलि दिया.
भभुआ शहर में चाइनीज वस्तुओं की डिमांड बहुत कम रही. लोग अपनी धरती के मिट्टी के बने दीये को जला कर दीपो का पर्व दीपावली का त्यौहार मनाया. दीपावली के रविवार रात घरों में लोग गणेश लक्ष्मी का पूजन कर पधार कर स्वागत किया. लोगो ने सुख समृद्धि की कामना की. व्यवसायी बंधु व लोग अपने दुकानों ,घरों को फूलों की माला व रंग बिरंगी झालर की लड़ियों से सजाया हुआ था.
सभी जगह प्रकाश की रौशनी रौशनी ही नजर आ रही थी. लोगों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी. बच्चो ने पटाखों के साथ फुलझड़ियों को जला कर मस्ती किया. रात में दीपावली की विशेष पूजा की गई.दीपावली की रात में आसमान और धरती रंगीन बने रहे. खासकर बच्चों में पटाखों को लेकर विशेष क्रेज था.शहर से लेकर गांवों में मकान दुल्हन की तरह सजे थे. मकानों पर पड़ी रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक्स लड़ियां आकर्षण का केन्द्र बनी थी. शाम होते ही आसमान में आतिशबाजी से रंगीन हो गया.
दीपावली पर्व पर देर रात तक जमकर आतिशबाजी की गयी।बच्चों ने फुलझड़ी, चरखी,एटम बम, सुतली बम आदि कई प्रकार पटाखे का लुफ्त उठाया.दीपावली पर्व पर सुबह से एक दूसरे को मिठाई देकर त्यौहार की शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हो गया था.
जगह-जगह लोगों ने मकानों व दुकानों को इलैक्ट्रानिक रंगबिरंगी झालरों से सजाया गया देर शाम को विधि विधान के साथ लक्ष्मी पूजन किया गया.देर रात तक जमकर आतिशबाजी की गयी.
जगह-जगह लोगों ने मकानों व दुकानों को इलैक्ट्रानिक रंगबिरंगी झालरों से सजाया गया देर शाम को विधि विधान के साथ लक्ष्मी पूजन किया गया.देर रात तक जमकर आतिशबाजी की गयी.
# सोशल मीडिया बधाई संदेश का रहा क्रेज
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