भभुआ/कैमूर। कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र के अइलाय गांव में मंगलवार को तालाब में डूबने से दो बच्चे की मौत हो गई। मृतक अइलाय गांव निवासी धर्मेंद्र मौर्या की पुत्री रूबी कुमारी(13 वर्ष) व पुत्र अमन कुमार(8 वर्ष) बताए जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक,दोनों सगे भाई-बहन अपनी मां के साथ तालाब पर छठ घाट बनाने गए थे। इसी बीच खेलते खेलते तालाब में डूबने से दोनों भाई बहनों की मौत हो गयी।
चांद पुलिस सूचना पर पहुँच कर शव को कब्जे में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को गांव के उत्तर में स्थित तालाब में छठ घाट बनाने के लिए मां उर्मिला देवी के साथ उनकी पुत्री रूबी व पुत्र अमन साथ में गए थे। अन्य महिलाएं भी छठ पूजा के लिए घाट बनाने वहां पहुंची थीं। महिलाएं अपने घाट को बनाने व साफ सफाई करने में लगी थी। खेलने के क्रम में रूबी व अमन कुमार तालाब में गहरे पानी में चले गए और दोनों पानी में डूबने लगे। ग्रामीणों ने तालाब में कूद कर उन्हें निकाला, लेकिन तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था। छठ का अनुष्ठान करने वाली उर्मिला देवी को क्या पता था की छठ पूजा घाट बनाते समय ही मेरे दो बच्चे दुनिया छोड़ देंगे। परिवार का भरण पोषण करने के लिए धमेंद्र मुंबई में काम करता है। सूचना मिलने पर वह घर के लिए रवाना हो गया। दोनों बच्चों की मौत के बाद एक पुत्र प्रदीप बचा हुआ है। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया है।
जानकारी के मुताबिक,दोनों सगे भाई-बहन अपनी मां के साथ तालाब पर छठ घाट बनाने गए थे। इसी बीच खेलते खेलते तालाब में डूबने से दोनों भाई बहनों की मौत हो गयी।
चांद पुलिस सूचना पर पहुँच कर शव को कब्जे में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को गांव के उत्तर में स्थित तालाब में छठ घाट बनाने के लिए मां उर्मिला देवी के साथ उनकी पुत्री रूबी व पुत्र अमन साथ में गए थे। अन्य महिलाएं भी छठ पूजा के लिए घाट बनाने वहां पहुंची थीं। महिलाएं अपने घाट को बनाने व साफ सफाई करने में लगी थी। खेलने के क्रम में रूबी व अमन कुमार तालाब में गहरे पानी में चले गए और दोनों पानी में डूबने लगे। ग्रामीणों ने तालाब में कूद कर उन्हें निकाला, लेकिन तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया था। छठ का अनुष्ठान करने वाली उर्मिला देवी को क्या पता था की छठ पूजा घाट बनाते समय ही मेरे दो बच्चे दुनिया छोड़ देंगे। परिवार का भरण पोषण करने के लिए धमेंद्र मुंबई में काम करता है। सूचना मिलने पर वह घर के लिए रवाना हो गया। दोनों बच्चों की मौत के बाद एक पुत्र प्रदीप बचा हुआ है। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया है।

