दुर्गावती(मुबारक अली)। यूपी बिहार की सीमा पर नौबतपुर के पास एनएच दो के कर्मनाशा नदी पर बना पुल का पिलर टूट जाने के 56 घंटे बाद भी जांच टीम नहीं पहुँच पायी है. जिसके बाद लोगों में कई तरह की चर्चाएं होनी शुरू हो गई है. लोगों के बीच चर्चा है कि देश की लाइफलाइन मानी जाने वाले एनएच दो पर कर्मनाशा नदी पुल का पिलर 10 वर्षो में टूट जाता है. लेकिन अंग्रेजों के जमाने में बना पुल आज भी जस का तस है. इस पुल के पिलर के टूटने क्या कारण हो सकता है. इसकी जांच होनी चाहिए. लेकिन पुल टूटने की मामला सामने आने के 56 घण्टे बाद भी जांच टीम के अधिकारी नहीं पहुंच पाए. ऐसा लगता है इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. ऐसा कई तरह की चर्चाएं लोगों के बीच हो रही है.
शनिवार को पुल टूटने का मामला आया था सामने
हालांकि कर्मनाशा नदी पुल टूटने के बाद शनिवार की सुबह से वाहनों का चक्का थम गया.ट्रकों का परिचालन पर ब्रेक लग जाने के बाद एनएचएआई द्वारा पुल के दोनो तरफ से डायवर्शन बनाने का कार्य शनिवार की शाम से युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. एक दर्जन जेसीबी मशीनों से डायवर्सन बनाने के लिए कार्य कराया जा रहा है.पुल क्षतिग्रस्त होने के 56 घंटे बाद भी सेंट्रल रोड रिसर्च इन्वेस्टिगेशन के अधिकारी मौके पर जाचं के लिए नहीं पहुंच पाए.
गौरतलब है कि यूपी बिहार बॉर्डर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का एक पिलर शनिवार को सुबह ध्वस्त हो गया एवं तीन पिलरों में दरारें पड़ गई. जिसके चलते पुल धस गया.सूचना के बाद प्रशासन द्वारा पुल से वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया.जिसके चलते वाहनों का चक्का हाईवे पर थम गया.हालांकि पास में ही अंग्रेजों के जमाने में बनी पुराने पुल से छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है.
बड़े वाहन चालक रूट बदल कर आ जा रहे है
वही बड़े वाहनों को रोक लगने के बाद वाहन चालक रूट बदलकर जाने को मजबूर हो गए. बताया जाता है कि मोहनिया से ही भभुआ मोहनिया पथ होते हुए चांद धरौली रोड से होकर कई वाहन यूपी सीमा में प्रवेश कर जा रहे हैं .वहीं कुछ वाहन ककरैत घाट से होकर यूपी सीमा में प्रवेश कर गए. तथा कई बड़े वाहन मरहियां मोड़ से खरगांवा होकर यूपी सीमा में निकल गए. उधर मोहनिया रामगढ़ से होते हुए भी कई वाहन गाजीपुर जिले से होकर यूपी में प्रवेश कर गए.वह किसी भी तरह गंतव्य को पहुंचने के लिए रास्ता की जानकारी प्राप्त करने लगे है.

डायवर्शन बनाने के लिए नदी में डाला जा रहा है ह्यूम पाइप
वहीं क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल पर रूट डायवर्शन का काम शनिवार से ही युद्ध स्तर पर शुरू हो गया एक दर्जन जेसीबी मशीनों से नदी के पूर्वी छोर पर मिट्टी समतल व पाटने का कार्य कराया जा रहा कार्यदाई संस्था सोमा के इंजीनियर का दावा है कि दस दिनों में पुल के दोनों ओर डायवर्शन का काम पूरा हो जाएगा.इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी. कार्यदाई संस्था की मानें तो क्षतिग्रस्त चारों पिलर की लंबाई 100 मीटर से ज्यादा है.इसके लिए बीच-बीच में बड़ी ह्यूम पाइप डाली जाएगी ताकि नदी का पानी न रुकने पाए उसके ऊपर बोरियों में मिट्टी भरकर पटेगी.
20 टन तक मालवाहक गाड़ी आ जा सकते है डायवर्शन से
बताया जाता है कि डायवर्शन के बन जाने से इस पर अधिकतम 20 टन तक भार वाले वाहन आ-जा सकेंगे.इससे ज्यादा वजन वाले वाहनों को आवागमन की अनुमति नहीं मिलेगी. दोनों ओर डायवर्शन का कार्य दस दिनों में पूर्ण हो जाएगा. इसके बाद डायवर्शन की क्षमता भी आंकी जाएगी.तब निर्णय लिया जाएगा कि कितने भार वाले वाहन इससे गुजर सकेंगे. हालांकि 20 से 22 चक्का वाले ट्रक डायवर्शन बनने के इंतजार में सीमा पर खड़े हैं.
बड़े वाहन चालकों की है परेशानी
चालकों का कहना है कि बिहार में प्रवेश के लिए कहीं कोई अन्य मार्ग नहीं है. जब तक यह मार्ग नहीं बनेगा.तब तक वाहन खड़ा कर इंतजार करना विवशता है.दुसरी तरफ ऐसे गंभीर मामले मे अभी तक 56 घंटे बाद भी सेंट्रल रोड रिसर्च इन्वेस्टिगेशन के अधिकारी मौके पर जांच करने सोमवार को भी नहीं पहुंच पाये थे.जिसको लेकर लोगों में तरह तरह कि चर्चाएं चल रही है..
शनिवार को पुल टूटने का मामला आया था सामने
हालांकि कर्मनाशा नदी पुल टूटने के बाद शनिवार की सुबह से वाहनों का चक्का थम गया.ट्रकों का परिचालन पर ब्रेक लग जाने के बाद एनएचएआई द्वारा पुल के दोनो तरफ से डायवर्शन बनाने का कार्य शनिवार की शाम से युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. एक दर्जन जेसीबी मशीनों से डायवर्सन बनाने के लिए कार्य कराया जा रहा है.पुल क्षतिग्रस्त होने के 56 घंटे बाद भी सेंट्रल रोड रिसर्च इन्वेस्टिगेशन के अधिकारी मौके पर जाचं के लिए नहीं पहुंच पाए.
गौरतलब है कि यूपी बिहार बॉर्डर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का एक पिलर शनिवार को सुबह ध्वस्त हो गया एवं तीन पिलरों में दरारें पड़ गई. जिसके चलते पुल धस गया.सूचना के बाद प्रशासन द्वारा पुल से वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया.जिसके चलते वाहनों का चक्का हाईवे पर थम गया.हालांकि पास में ही अंग्रेजों के जमाने में बनी पुराने पुल से छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है.
बड़े वाहन चालक रूट बदल कर आ जा रहे है
वही बड़े वाहनों को रोक लगने के बाद वाहन चालक रूट बदलकर जाने को मजबूर हो गए. बताया जाता है कि मोहनिया से ही भभुआ मोहनिया पथ होते हुए चांद धरौली रोड से होकर कई वाहन यूपी सीमा में प्रवेश कर जा रहे हैं .वहीं कुछ वाहन ककरैत घाट से होकर यूपी सीमा में प्रवेश कर गए. तथा कई बड़े वाहन मरहियां मोड़ से खरगांवा होकर यूपी सीमा में निकल गए. उधर मोहनिया रामगढ़ से होते हुए भी कई वाहन गाजीपुर जिले से होकर यूपी में प्रवेश कर गए.वह किसी भी तरह गंतव्य को पहुंचने के लिए रास्ता की जानकारी प्राप्त करने लगे है.

डायवर्शन बनाने के लिए नदी में डाला जा रहा है ह्यूम पाइप
वहीं क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल पर रूट डायवर्शन का काम शनिवार से ही युद्ध स्तर पर शुरू हो गया एक दर्जन जेसीबी मशीनों से नदी के पूर्वी छोर पर मिट्टी समतल व पाटने का कार्य कराया जा रहा कार्यदाई संस्था सोमा के इंजीनियर का दावा है कि दस दिनों में पुल के दोनों ओर डायवर्शन का काम पूरा हो जाएगा.इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी. कार्यदाई संस्था की मानें तो क्षतिग्रस्त चारों पिलर की लंबाई 100 मीटर से ज्यादा है.इसके लिए बीच-बीच में बड़ी ह्यूम पाइप डाली जाएगी ताकि नदी का पानी न रुकने पाए उसके ऊपर बोरियों में मिट्टी भरकर पटेगी.
20 टन तक मालवाहक गाड़ी आ जा सकते है डायवर्शन से
बताया जाता है कि डायवर्शन के बन जाने से इस पर अधिकतम 20 टन तक भार वाले वाहन आ-जा सकेंगे.इससे ज्यादा वजन वाले वाहनों को आवागमन की अनुमति नहीं मिलेगी. दोनों ओर डायवर्शन का कार्य दस दिनों में पूर्ण हो जाएगा. इसके बाद डायवर्शन की क्षमता भी आंकी जाएगी.तब निर्णय लिया जाएगा कि कितने भार वाले वाहन इससे गुजर सकेंगे. हालांकि 20 से 22 चक्का वाले ट्रक डायवर्शन बनने के इंतजार में सीमा पर खड़े हैं.
बड़े वाहन चालकों की है परेशानी
चालकों का कहना है कि बिहार में प्रवेश के लिए कहीं कोई अन्य मार्ग नहीं है. जब तक यह मार्ग नहीं बनेगा.तब तक वाहन खड़ा कर इंतजार करना विवशता है.दुसरी तरफ ऐसे गंभीर मामले मे अभी तक 56 घंटे बाद भी सेंट्रल रोड रिसर्च इन्वेस्टिगेशन के अधिकारी मौके पर जांच करने सोमवार को भी नहीं पहुंच पाये थे.जिसको लेकर लोगों में तरह तरह कि चर्चाएं चल रही है..






