दुर्गावती(मुबारक अली)।यूपी से बिहार सहित
कई राज्यों को जोड़ने वाले एनएच दो पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का पिलर शनिवार की सुबह टुट जाने के बाद वाहनों का चक्का थम गया. इस एनएच दो को देेेेश की लाइफलाइन माना जाता है. कर्मनाशा नदी का पुल टूटने से बड़े वाहनों का आवागमन बाधित होने के साथ ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ा है. ट्रकों का परिचालन पर ब्रेक लग जाने के बाद एनएच आई ने पुल के दोनो तरफ से डायवर्सन बनाने का कार्य शनिवार की शाम से शुरू कर दिया है.डायवर्शन बनाने में किसी प्रकार का रुकावट न आवे इसके लिए एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश गढवाल, सोमा आइसोलक्स के जीएम संजय कुमार, सैयदराजा थानाध्यक्ष एसपी सिंह, दुर्गावती थानाध्यक्ष सुहैल अहमद सहित काफी संख्या में अधिकारी व फोर्स मौके पर कैंप कर रहे है.
मिली जानकारी के मुताबिक, कर्मनाशा नदी पर 2005 में पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ था. जो 2009 में बन कर यह पुल तैयार हुआ था और इसके बाद एनएच दो का यह पुल पर आवागमन भी शुरू हुआ था. लेकिन 10 वर्षो में ही यह देश की धड़कन माना जाने वाला नदी पुल टूट गया और वही इसके बगल में अंग्रेजों के जमाने में बना पुल जैसा का तैसा है. पुल टूटने का कारण एनएचएआई के मुताबिक,ओवरलोडिंग बालू की ढुलाई को माना जाना रहा है. वही निर्माण कार्य में कमी भी बताया जाता है
बताते चलें कि यूपी बिहार बॉर्डर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का एक पिलर शनिवार को सुबह ध्वस्त हो गया एवं तीन पिलरों में दरारें पड़ गई. जिसके चलते पुल धस गया. उसके बाद प्रशासन द्वारा पुल से वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया.जिसके चलते वाहनों का चक्का हाईवे पर थम गया.हालांकि पास में ही अंग्रेजों के जमाने में बनी पुराने पुल से छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है. वही बड़े वाहनों को रोक लगने के बाद वाहन चालक रूट बदलकर जाने को मजबूर हो गए. बताया जाता है कि मोहनिया से ही भभुआ मोहनिया पथ होते हुए चांद धरौली रोड से होकर कई वाहन यूपी सीमा में प्रवेश कर जा रहे हैं .वहीं कुछ वाहन ककरैत घाट से होकर यूपी सीमा में प्रवेश कर गए. तथा कई बड़े वाहन मरहियां मोड़ से खरगांवा होकर यूपी सीमा में निकल गए. उधर मोहनिया रामगढ़ से होते हुए भी कई वाहन गाजीपुर जिले से होकर यूपी में प्रवेश कर गए.वह किसी भी तरह गंतव्य को पहुंचने के लिए रास्ता की जानकारी प्राप्त करने लगे है.
कई राज्यों को जोड़ने वाले एनएच दो पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का पिलर शनिवार की सुबह टुट जाने के बाद वाहनों का चक्का थम गया. इस एनएच दो को देेेेश की लाइफलाइन माना जाता है. कर्मनाशा नदी का पुल टूटने से बड़े वाहनों का आवागमन बाधित होने के साथ ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ा है. ट्रकों का परिचालन पर ब्रेक लग जाने के बाद एनएच आई ने पुल के दोनो तरफ से डायवर्सन बनाने का कार्य शनिवार की शाम से शुरू कर दिया है.डायवर्शन बनाने में किसी प्रकार का रुकावट न आवे इसके लिए एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश गढवाल, सोमा आइसोलक्स के जीएम संजय कुमार, सैयदराजा थानाध्यक्ष एसपी सिंह, दुर्गावती थानाध्यक्ष सुहैल अहमद सहित काफी संख्या में अधिकारी व फोर्स मौके पर कैंप कर रहे है.
मिली जानकारी के मुताबिक, कर्मनाशा नदी पर 2005 में पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ था. जो 2009 में बन कर यह पुल तैयार हुआ था और इसके बाद एनएच दो का यह पुल पर आवागमन भी शुरू हुआ था. लेकिन 10 वर्षो में ही यह देश की धड़कन माना जाने वाला नदी पुल टूट गया और वही इसके बगल में अंग्रेजों के जमाने में बना पुल जैसा का तैसा है. पुल टूटने का कारण एनएचएआई के मुताबिक,ओवरलोडिंग बालू की ढुलाई को माना जाना रहा है. वही निर्माण कार्य में कमी भी बताया जाता है
बताते चलें कि यूपी बिहार बॉर्डर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल का एक पिलर शनिवार को सुबह ध्वस्त हो गया एवं तीन पिलरों में दरारें पड़ गई. जिसके चलते पुल धस गया. उसके बाद प्रशासन द्वारा पुल से वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया.जिसके चलते वाहनों का चक्का हाईवे पर थम गया.हालांकि पास में ही अंग्रेजों के जमाने में बनी पुराने पुल से छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है. वही बड़े वाहनों को रोक लगने के बाद वाहन चालक रूट बदलकर जाने को मजबूर हो गए. बताया जाता है कि मोहनिया से ही भभुआ मोहनिया पथ होते हुए चांद धरौली रोड से होकर कई वाहन यूपी सीमा में प्रवेश कर जा रहे हैं .वहीं कुछ वाहन ककरैत घाट से होकर यूपी सीमा में प्रवेश कर गए. तथा कई बड़े वाहन मरहियां मोड़ से खरगांवा होकर यूपी सीमा में निकल गए. उधर मोहनिया रामगढ़ से होते हुए भी कई वाहन गाजीपुर जिले से होकर यूपी में प्रवेश कर गए.वह किसी भी तरह गंतव्य को पहुंचने के लिए रास्ता की जानकारी प्राप्त करने लगे है.

