भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)/दुर्गावती(मुबारक अली)।यूपी बिहार की बॉर्डर पर नौबतपुर के पास बिहार-यूपी को जोड़ने वाली एनएच दो का शनिवार को कर्मनाशा नदी पर बना पुल का एक पिलर टूट गया और दो पिलरों मे दरार आ गया है. इसकी सूचना मिलने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने बड़े छोटे वाहनों का आवागमन को पूरी तरह से बंद करा दिया. जिससे एनएच दो पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. हालांकि अंग्रेजों के जमाने में बना ऐतिहासिक पुरानी पुल से छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है. जानकारी के अनुसार यूपी बिहार बॉर्डर नौबतपुर स्थित कर्मनाशा नदी की ओर आसपास के लोगों ने शौच के लिए निकले हुए थे उसी दौरान देखा कि नदी के पास बना पुल का एक पिलर टूट गया है और उसकी दोनो बाहे खिसक गई है.
जानकारी के अभाव में हो सकता था बड़ा हादसा
अगर जानकारी के अभाव में इस पुल पर वाहनों का आवागमन होता तो बड़ी हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है.अगर लोगों को जानकारी होते ही आसपास के लोग काफी संख्या में मौके पर जुट गए जिसकी सूचना लोगों ने एनएचआई विभाग को दी.सूचना मिलने के बाद यूपी बिहार दोनों तरफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने बॉर्डर सीमा के दोनों तरफ वाहनों को रोक लगा दी. वहीं पास मे अंग्रेजों के जमाने मे बना पुल से पार कराया जा रहा है. दोनों तरफ बड़े वाहनों को रोक देने से यूपी बिहार राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क टूट गया है. वहीं प्रशासन की ओर से इतिहास के तौर पर आवागमन ठप कर दिया गया है. इसे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई. मार्ग अवरुद्ध होने से राहगीरों और चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कई राज्यों का है इस पुल से कनेक्शन
मिली जानकारी के मुताबिक, नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पुल से प्रतिदिन यूपी व बिहार की तरफ दस हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता था. वही इस नदी पुल एनएच दो दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है. जिसे जीटी रोड भी कहा जाता है. इस जीटी रोड के माध्यम से दिल्ली, यूपी,बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक जो भी राज्य आते है. उन सबका कनेक्शन इस कर्मनाशा नदी पुल के माध्यम से होता है. इसी पुल से होकर बड़े छोटे वाहनों का आवागमन होता था.
ओवरलोडिंग बालू की ढुलाई बताया जा रहा है कारण
जो फिर हाल बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया है. वही लोगों का कहना है कि इस पुल में दरार पड़ने कारण ओवरलोड बालू की ढुलाई को बताया जाता है. हालांकि यह साफ तौर कहना ठीक नहीं है यह तो एक जांच का विषय है. नया पुल होने के बाद भी पिलर में दरार पड़ने का क्या कारण है.
जानकारी के अभाव में हो सकता था बड़ा हादसा
अगर जानकारी के अभाव में इस पुल पर वाहनों का आवागमन होता तो बड़ी हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है.अगर लोगों को जानकारी होते ही आसपास के लोग काफी संख्या में मौके पर जुट गए जिसकी सूचना लोगों ने एनएचआई विभाग को दी.सूचना मिलने के बाद यूपी बिहार दोनों तरफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने बॉर्डर सीमा के दोनों तरफ वाहनों को रोक लगा दी. वहीं पास मे अंग्रेजों के जमाने मे बना पुल से पार कराया जा रहा है. दोनों तरफ बड़े वाहनों को रोक देने से यूपी बिहार राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क टूट गया है. वहीं प्रशासन की ओर से इतिहास के तौर पर आवागमन ठप कर दिया गया है. इसे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई. मार्ग अवरुद्ध होने से राहगीरों और चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कई राज्यों का है इस पुल से कनेक्शन
मिली जानकारी के मुताबिक, नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पुल से प्रतिदिन यूपी व बिहार की तरफ दस हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता था. वही इस नदी पुल एनएच दो दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है. जिसे जीटी रोड भी कहा जाता है. इस जीटी रोड के माध्यम से दिल्ली, यूपी,बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक जो भी राज्य आते है. उन सबका कनेक्शन इस कर्मनाशा नदी पुल के माध्यम से होता है. इसी पुल से होकर बड़े छोटे वाहनों का आवागमन होता था.
ओवरलोडिंग बालू की ढुलाई बताया जा रहा है कारण
जो फिर हाल बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया है. वही लोगों का कहना है कि इस पुल में दरार पड़ने कारण ओवरलोड बालू की ढुलाई को बताया जाता है. हालांकि यह साफ तौर कहना ठीक नहीं है यह तो एक जांच का विषय है. नया पुल होने के बाद भी पिलर में दरार पड़ने का क्या कारण है.

