भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। लोग कहते है विधि के विधाता की भी गजब लीला है। जिस दिन जन्म देते है उसी दिन लिख देते है इनका इस तिथि को मौत निश्चित है। लोग भी जानते है कि जिस मनुष्य का धरती पर जन्म हुआ उसका मृत्यु परम सत्य है। उसको खाली हाथ आया है तो वापस जाना ही है। लेकिन यह किसी को नहीं पता होता है जिस तिथि को किसी जन्म होगा उसी तिथि को उसकी मौत हो जायेगी। यह शायद हर किसी को नहीं होता है। लेकिन कैमूर में एक ऐसा ही मामला आया है जहां के युवक का गणेश चतुर्थी के दिन जन्म हुआ और नाम भी परिवार ने गणेश रखा और 30 वर्षो बाद उसका गणेश चतुर्थी के तिथि को ही उसका सड़क दुर्घटना में मौत हो गया। जिसके बाद हर कोई हैरान है जिसे विधि के गजब विधान बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, वह गणेश है कैमूर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के कसेर गांव का। जिसका हैदराबाद में सड़क दुर्घटना में बस से कुचलने से मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के सूचना के बाद गांव में कोहराम मच गया।मृतक गणेश खरवार कसेर गांव के नंदलाल खरवार का 30 वर्षीय पुत्र बताया जाता है। जो हैदराबाद के निजी कम्पनी में10 वर्षों से रहक़र काम करता था। परिवार का भरण पोषण और जीवन यापन करता था। मिली जानकारी के मुताबिक, करने के लिए एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था बीते दिन यानी सोमवार को हैदराबाद में सरकारी बस से युवक को धक्का लगने से उसकी मौत हो गई।मौत की खबर सुनते हैं कसेर गांव में उसके परिवार में कोहराम मच गया।बताया जाता है कि मृतक युवक शादीशुदा था। उसका एक बेटा व एक बेटी है। बताया जाता है कि गणेश का जन्म गणेश चतुर्थी को हुआ था तो माता पिता व परिवार ने गणेश नाम रख दिया। लेकिन माता पिता को क्या पता था बेटे का नाम गणेश रखा तो उसका गणेश चतुर्थी को ही उसका सड़क दुर्घटना में मौत हो जायेगा। गणेश की मौत परिवार में सभी लोग आहत में है। गांव में ही कोहराम मच गया। लोगों ने बताया कि मृतक काफी गरीब परिवार का है। परिवार के जीवन यापन के लिए हैदराबाद में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। मृतक का दाह संस्कार हैदराबाद में करने के बाद परिवार के लोग आने वाले है। परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है।