#विद्यालय में बांधे जा रहे है पशु व फैली है गंदगी
#ग्रामीणों ने कहा साहब दो माह से नहीं खुल रहा है विद्यालय व नहीं आते है शिक्षक
#बच्चों का पढ़ाई हो रहा है प्रभावित
भगवानपुर/कैमूर। सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के माध्यम से हर गांव में स्कूल खोलकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं कई योजनाओं के माध्यम से बच्चों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए निःशुल्क शिक्षा,पुस्तक,एमडीएम, छात्रवृत्ति, पोशाक आदि कई प्रकार के योजनाएं चलाए जा रहे है। शिक्षक भी उपलब्ध कराए गये है। लेकिन जहां विद्यालय में शिक्षक व हेडमास्टर ही कई महीने से नहीं आते है तो बच्चो को शिक्षा कैसे मिलेगा।जो सरकार व शिक्षा विभाग के योजनाएं पहाड़ी इलाके विद्यालयों के बच्चों को मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है।
सवाल खड़ा होता है कि जब वह विद्यालय 2 माह से बंद है तो शिक्षकों व हेडमास्टर का वेतन कैसे बनता होगा। बच्चो को खिलाने वाला एमडीएम भी नहीं बनता होगा।लेकिन जानकर सूत्रों का कहना है कि विद्यालयों में ताला बंद होनेव नहीं पढ़ाने के लिए जाने के बावजूद भी उन शिक्षकों का वेतन भी बनता है और एमडीएम सहित कई योजनाओं की राशि भी निकासी होती है। लेकिन यह तो जांच के बाद ही कहा जा सकता है कि क्या होता है क्या नहीं होता है।
#बीईओ को विद्यालय जांच करने का मिला था निर्देश
गौरतलब है कि एक बार जब डीईओ द्वारा सभी प्रखंडो के शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों का प्रतिदिन जांच करने का निर्देश दिया गया था। उस समय जब जांच किया गया तो विद्यालयों में शिक्षक पाए जा रहे थे। जब जांच बंद हो गया तो फिर पहाड़ी इलाके के विद्यालयों में शिक्षकों उपस्थिति नहीं के बराबर हो गया।
बोले बीडीओ
इस संबंध में बीडीओ मयंक कुमार सिंह ने बताया कि न्यू प्राथमिक विद्यालय भुड़कुड़ा का जांच किया तो विद्यालय के हेड मास्टर सतीश कुमार एवं शिक्षक चंद्रभूषण राम नदारद रहे। विद्यालय में उपस्थित नहीं होने के मामले में दोनो से शो कॉज पूछा जाएगा। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो विभागीय कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखा जाएगा।
#ग्रामीणों ने कहा साहब दो माह से नहीं खुल रहा है विद्यालय व नहीं आते है शिक्षक
#बच्चों का पढ़ाई हो रहा है प्रभावित
भगवानपुर/कैमूर। सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के माध्यम से हर गांव में स्कूल खोलकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं कई योजनाओं के माध्यम से बच्चों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए निःशुल्क शिक्षा,पुस्तक,एमडीएम, छात्रवृत्ति, पोशाक आदि कई प्रकार के योजनाएं चलाए जा रहे है। शिक्षक भी उपलब्ध कराए गये है। लेकिन जहां विद्यालय में शिक्षक व हेडमास्टर ही कई महीने से नहीं आते है तो बच्चो को शिक्षा कैसे मिलेगा।जो सरकार व शिक्षा विभाग के योजनाएं पहाड़ी इलाके विद्यालयों के बच्चों को मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है।
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जब शिक्षक ही विद्यालय में महीनों तक नहीं आएंगे तो बच्चे कैसे शिक्षित होंगे। लोगों का कहना था कि पहाड़ी इलाके के विद्यालयों में ताला लटकता रहता है और शिक्षक नदारद रहते है। बस हाजिरी बनाकर वेतन व एमडीएम के राशि की निकासी कर ली जाती है। इसका खुलासा तब हुआ जब भगवानपुर भगवानपुर बीडीओ मयंक कुमार कुमार सिंह प्रखंड के रामगढ़ पंचायत के पहाड़ी पर बसे भुड़कुड़ा गांव न्यू प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान बीडीओ के जांच में विद्यालय में ताला लटकता हुआ पाया गया। शिक्षक नदारद रहे,विद्यालय में काफी गंदगी फैली रही। जब भगवानपुर बीडीओ मयंक कुमार सिंह ने ग्रामीणों से स्कूल खोले जाने के बारे में पूछा तो ग्रामीणों बीडीओ से कहा कि साहब विद्यालय 2 महीने से बंद है।यह भी पढ़े : NH 2 पर कर्मनाशा नदी पुल के बाद अब दुर्गावती नदी पुल के स्लीपर में पड़ी दरारें, मचा हड़कंप
कभी भी शिक्षक व हेडमास्टर नहीं आते हैं। सप्ताह तो दूर की बात महीने में भी नहीं आते है। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षकों के विद्यालय नहीं आने से बच्चों का पढ़ाई काफी प्रभावित हो रहा है। जब शिक्षक नहीं आएंगे तो बच्चे कैसे शिक्षित होंगे। बीडीओ ने बताया कि जब विद्यालय में घूम कर देखा तो विद्यालय में काफी गन्दगी फैला हुआ था। विद्यालय में पशु बांधे गए थे और गोबर आदि गंदगी था। ऐसा देखने से लग रहा था कई महीने विद्यालय में ताला ही नहीं खुला है।सवाल खड़ा होता है कि जब वह विद्यालय 2 माह से बंद है तो शिक्षकों व हेडमास्टर का वेतन कैसे बनता होगा। बच्चो को खिलाने वाला एमडीएम भी नहीं बनता होगा।लेकिन जानकर सूत्रों का कहना है कि विद्यालयों में ताला बंद होनेव नहीं पढ़ाने के लिए जाने के बावजूद भी उन शिक्षकों का वेतन भी बनता है और एमडीएम सहित कई योजनाओं की राशि भी निकासी होती है। लेकिन यह तो जांच के बाद ही कहा जा सकता है कि क्या होता है क्या नहीं होता है।
#बीईओ को विद्यालय जांच करने का मिला था निर्देश
गौरतलब है कि एक बार जब डीईओ द्वारा सभी प्रखंडो के शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों का प्रतिदिन जांच करने का निर्देश दिया गया था। उस समय जब जांच किया गया तो विद्यालयों में शिक्षक पाए जा रहे थे। जब जांच बंद हो गया तो फिर पहाड़ी इलाके के विद्यालयों में शिक्षकों उपस्थिति नहीं के बराबर हो गया।
बोले बीडीओ
इस संबंध में बीडीओ मयंक कुमार सिंह ने बताया कि न्यू प्राथमिक विद्यालय भुड़कुड़ा का जांच किया तो विद्यालय के हेड मास्टर सतीश कुमार एवं शिक्षक चंद्रभूषण राम नदारद रहे। विद्यालय में उपस्थित नहीं होने के मामले में दोनो से शो कॉज पूछा जाएगा। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो विभागीय कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखा जाएगा।

