दुर्गावती/कैमूर(मुबारक अली)। 28 दिसंबर 2019 को यूपी बिहार बॉर्डर पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल के दोनों तरफ एक माह के अंदर डायवर्शन रूट बनाया गया था. तथा पुल के उतरी लेन का पिचिंग का कार्य हो गया था लेकिन पुल के दक्षिणी लेन कालीकरण नहीं हो सका. रविवार से दक्षिणी लेन के पिचिंग का कार्य हो रहा है. जिससे उस लेन से वाहनों आवागमन बंद हो गया है. यूपी-बिहार बार्डर पर एकबार फिर जाम की समस्या गहराने लगी है.क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल के वैकल्पिक मार्ग के एक लेन से आवागमन बंद होने से दोनों तरफ हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही है.
चार-चार घंटे की अंतराल पर मात्र एक लेन से ही भारी वाहनों को छोड़ा जा रहा है. बताते चले कि यूपी-बिहार को जोड़ने वाले कर्मनाशा नदी पर एनएच-2 का पुल 28 दिसंबर की सुबह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे भारी वाहनों को आवागमन ठप हो गया था. एनएचएआई की देखरेख में क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल के दोनों तरफ वैकल्पिक मार्ग का निर्माण शुरू कराया गया। 12 जनवरी को एक लेन का रास्ता खुलने पर भारी वाहनों को यूपी व बिहार की तरफ से 12-12 घंटे के अंतराल पर आवागमन शुरू हुआ.
लेकिन हाईवे पर जाम की समस्या गहराने लगी थी.17 जनवरी को दूसरा लेन चालू कराया गया, लेकिन पहले लेन की पिचिंग की वजह से एकबार फिर जाम से निजात नहीं मिली.एनएचएआई की ओर से 21 जनवरी को दोनों लेन से चौबीस घंटे बिना रोकटोक आवागमन शुरू कराने पर हाईवे की जाम की समस्या से मुक्ति मिल गई थी.अब एकबार फिर रविवार की शाम से एक लेन का पिचिंग होने की वजह से रास्ता बंद कर दिया गया है.
यूपी-बिहार बार्डर पर दोनों तरफ से चार-चार घंटे के अंतराल पर वाहनों को छोड़ा जा रहा है.इससे नेशनल हाईवे पर 15 से 20 किमी लंबा जाम लग रहा है.जाम की वजह से अन्य सवारी वाहनों, स्कूल बसों व एम्बुलेंस तक फंस जा रही है।एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो लेन के पिचिंग का काम पूरा 5 फरवरी तक होने के बाद दोनों लेन से बिना रोकटोक वाहनों का परिचालन शुरू कराया जाएगा.
चार-चार घंटे की अंतराल पर मात्र एक लेन से ही भारी वाहनों को छोड़ा जा रहा है. बताते चले कि यूपी-बिहार को जोड़ने वाले कर्मनाशा नदी पर एनएच-2 का पुल 28 दिसंबर की सुबह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे भारी वाहनों को आवागमन ठप हो गया था. एनएचएआई की देखरेख में क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल के दोनों तरफ वैकल्पिक मार्ग का निर्माण शुरू कराया गया। 12 जनवरी को एक लेन का रास्ता खुलने पर भारी वाहनों को यूपी व बिहार की तरफ से 12-12 घंटे के अंतराल पर आवागमन शुरू हुआ.
लेकिन हाईवे पर जाम की समस्या गहराने लगी थी.17 जनवरी को दूसरा लेन चालू कराया गया, लेकिन पहले लेन की पिचिंग की वजह से एकबार फिर जाम से निजात नहीं मिली.एनएचएआई की ओर से 21 जनवरी को दोनों लेन से चौबीस घंटे बिना रोकटोक आवागमन शुरू कराने पर हाईवे की जाम की समस्या से मुक्ति मिल गई थी.अब एकबार फिर रविवार की शाम से एक लेन का पिचिंग होने की वजह से रास्ता बंद कर दिया गया है.
यूपी-बिहार बार्डर पर दोनों तरफ से चार-चार घंटे के अंतराल पर वाहनों को छोड़ा जा रहा है.इससे नेशनल हाईवे पर 15 से 20 किमी लंबा जाम लग रहा है.जाम की वजह से अन्य सवारी वाहनों, स्कूल बसों व एम्बुलेंस तक फंस जा रही है।एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो लेन के पिचिंग का काम पूरा 5 फरवरी तक होने के बाद दोनों लेन से बिना रोकटोक वाहनों का परिचालन शुरू कराया जाएगा.




