दुर्गावती (कैमूर)। वैश्विक महामारी कोरोना से बचने के लिए स्वयंसेवी संगठनों के साथ सरकारी कर्मचारी भी प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में धन जमा करा रहे हैं.लोक डाउन के बीच देश मे गरीब मजदूरों की बढी दिक्कतों को देखते हुए क्षेत्रीय बिजनेसमैन एवं नेता अब मदद करने को आगे हाथ बढ़ाना शुरू कर दिए हैं.
कनोडिया इंफ्राटेक लिमिटेड की ओर से यूनिट हेड गिरीश कुमार के द्वारा सात अप्रैल को एक लाख एक हजार रूपए का चेक जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी के हाथों आपदा राहत कोष के नाम का सौंपा गया.इस दौरान लोजिस्टिक हेड शुभम तिवारी भी मौजूद थे. वहीं आठ मार्च को बक्सर लोकसभा क्षेत्र के बसपा के पूर्व प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह द्वारा जिला आपदा राहत कोष में पचास हजार का चेक सौंपा गया.
इस दौरान चेयरमैन बिश्वम्भर नाथ सिंह यादव उर्फ वकील यादव तथा बसपा नेता जामा खान मौजूद थे .
बताते चले कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु देश में 24 मार्च की रात्रि 12 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश में 21 दिनों की लिए किए गए लाक डाउन के बाद देश के गरीबों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है. जिसे देखते हुए क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेता तथा बिजनेसमैन गरीबों दुखियों की मदद करने को आगे आने लगे हैं. कोई अपने सामर्थ्य के अनुसार खाद्य सामग्री मास्क एवं अन्य सामानों की वितरण कर रहा है तो कोई सरकार के आपदा राहत कोष में चेख देकर अपने तरफ से मदद कर रहा है.
कनोडिया इंफ्राटेक लिमिटेड की ओर से यूनिट हेड गिरीश कुमार के द्वारा सात अप्रैल को एक लाख एक हजार रूपए का चेक जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी के हाथों आपदा राहत कोष के नाम का सौंपा गया.इस दौरान लोजिस्टिक हेड शुभम तिवारी भी मौजूद थे. वहीं आठ मार्च को बक्सर लोकसभा क्षेत्र के बसपा के पूर्व प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह द्वारा जिला आपदा राहत कोष में पचास हजार का चेक सौंपा गया.
इस दौरान चेयरमैन बिश्वम्भर नाथ सिंह यादव उर्फ वकील यादव तथा बसपा नेता जामा खान मौजूद थे .
बताते चले कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु देश में 24 मार्च की रात्रि 12 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश में 21 दिनों की लिए किए गए लाक डाउन के बाद देश के गरीबों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है. जिसे देखते हुए क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेता तथा बिजनेसमैन गरीबों दुखियों की मदद करने को आगे आने लगे हैं. कोई अपने सामर्थ्य के अनुसार खाद्य सामग्री मास्क एवं अन्य सामानों की वितरण कर रहा है तो कोई सरकार के आपदा राहत कोष में चेख देकर अपने तरफ से मदद कर रहा है.



