मां मुंडेश्वरी की विधि विधान से हुई निशा पूजा, पहली बार लॉक डाउन के कारण सुनसान रहा मां का दरबार

भभुआ/कैमूर/बंटी जायसवाल। कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के रामगढ के पवरा पहाड़ी पर विराजमान मा मुंडेश्वरी की निशा पूजा  बुधवार की रात्रि में हुईं। कोरोना वायरस से बचाव व संक्रमण फैलने से रोकने को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिनों के किए गए लॉक डाउन की गई। जिसके कारण भक्त दर्शन पूजन से वंचित हो रहे। फिर भी मां की पूजा में कोई कमी नहीं हो रही है। 

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मंदिर के पुजारियों द्वारा माता की सुबह,दोपहर व शाम में पूजा अर्चना विधि विधान से किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रतिवर्ष मां मुंडेश्वरी का मंदिर साल में एक बार अष्टमी की रात्रि को खुलता है और मां के मंदिर सहित पूरे प्रांगण को सुगंधित पुष्पों से सजाया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण धाम परिसर में सूनापन रहा। कोई भक्त दर्शन नहीं कर पाए। मां के भक्त अपने घर से ही मां के चरणों में अपना सिर झुका कर विनती किया।

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मुंडेश्वरी धाम के प्रधान पुजारी उमेश मिश्रा, राधेश्याम झा, उपेंद्र पांडेय, मुकेश कुमार आदि मंदिर के पुजारी उपस्थित रहे। मां की पूजा अर्चना परंपरागत विधि विधान से की गई। रात्रि ठीक 12 बजे मां की आरती और पूजन हुआ। गौरतलब है कि मन्दिर के इस गर्भगृह में पंचमुखी महामंडलेश्वर महादेव विराजमान है। जिनका पूजन हुआ। मन्दिर के पुजारियों व भक्तों ने मां से प्रार्थना की हे मां जब जब भक्तों पर संकट आया है आप ने कल्याण किया।

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इस कोरोना महामारी जैसे विकट संकट से भी आप ही उबारो मां। जिससे हम लोग स्वस्थ जीवन जी सकें। विगत वर्ष या पिछले वर्षों में निशा पूजा के दिन मां का परिसर खचाखच भक्तों से भरा पड़ा रहता था।लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन पर रोक लगने के कारण मां का परिसर सुना ही रह गया।

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