यह बात सही है। समस्या तो है चुनौती भी बड़ी है। कोई दो राय नहीं।लेकिन बिहार को बचाना है इसमें भी कोई दो राय नहीं है.हमने आदेश दिया है मास्क,सेनीटाइजर का व्यवस्था करने के लिए लेकिन सबसे बड़ा तरीका कोरोना का हराना है तो एक ही है सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना है।
सेवा का है हमारा काम,जनता पर शासन का नहीं
प्रवासी मजदूर हजारों की संख्या में बाहर से आ रहे हैं।थके हारे भूखे प्यासे उनको खाने का सरकार का इंतजाम किया है. उनका रजिस्ट्रेशन होता है। स्क्रीनिंग उसके बाद जिस ब्लॉक के होते हैं उनको बस से उस ब्लॉक वाइज उनको वाहन से भेजा जाता है. डीजीपी ने कहा कि हमारा काम सेवा का है। हम हमेशा अपने पुलिस अधिकारियों को एसपी से लेकर सिपाही तक कहते हैं कि हम लोग जनता पर शासन करने के लिए नहीं हैं।
जनता के मन में पुलिस का सकारात्मक छबि बनाना है
कानून को एम्प्लीमेंट कराने की जिम्मेवारी है कानून का इंप्लीमेंट कराने का मतलब यह नहीं होता है कि हम शासक हैं हम एक एजेंसी है लेकिन हम जनता का सेवक हैं और हमने कहा है यह सेवा का समय है सेवा का दिल से दिल जीतने की जरूरत है.जनता के दिल में पुलिस की छवि नकारात्मक रही है।
इसको सकारात्मक छवि के रूप में बदलना है तो सेवा करना होगा। अनुशासन सेवा दल एवं शालीन व्यवहार से ही जनता का दिल जीत सकते हैं.मौके पर डीआईजी पी कन्नन, जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी,एसपी दिलनवाज अहमद,एसडीएम शिवकुमार राऊत, डीएसपी रघुनाथ सिंह,इंस्पेक्टर विंध्याचल प्रसाद, थानाध्यक्ष संजय कुमार सहित जिले के काफी संख्या में अधिकारी व पुलिस के जवान मौजूद थे.



